
रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: हिंदी जगत के लिए बहुत दुखद समाचार यह है कि साहित्य के गौरव व्यंगकार गोपाल चतुर्वेदी जी का आज प्रातःकाल निधन हो गया है। उनकी पत्नी निशा चतुर्वेदी का निधन 5 -6 दिन पूर्व हुआ था तब से ही उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति ठीक नहीं रह रही थी। और इस दुख को वह सहन नहीं कर सके और इस संसार से विदा हो गए.
जो लोग उन्हें करीब से जानते हैं उनको पता है कि वे दोनों एक दूसरे पर किस सीमा तक अन्योन्याश्रित थे। वे जीवन भर परस्पर प्रेम के बंधन में बंधें हुए साथ-साथ रहे और साथ-साथ इस संसार से विदा हुए. दोनों ही लोग सच कहें तो लखनऊ के सामाजिक जीवन की शान थे और लखनऊ की संस्कृति सभ्यता और लखनऊ की शराफत, सदाकत, मेजबानी के प्रतीक भी थे, संरक्षक भी थे और संवाहक भी थे. उनसे मिलने के बाद यह नामुमकिन था की कोई आदमी उनसे मिल कर प्रसन्न न लौटा हो !
गोपाल जी और निशा जी दोनों ही अखिल भारतीय सेवाओं में बड़े-बड़े पदों पर सम्मान सहित कार्यरत रह चुके थे. और उनके पास साहित्य राजनीति के कभी न चुकने वाले अनेक संस्मरण ऐसे थे जो ज्ञानवर्धक और मनमोहक हुआ करते थे.





