
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ – उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही सोमवार को राजधानी में राजनीतिक पोस्टर वार देखने को मिला। इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने समाजवादी पार्टी (सपा) के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान को निशाने पर लेते हुए सपा की ‘पीडीए पाठशाला’ पर सवाल खड़े कर दिए।
भाजपा एमएलसी सुभाष यदुवंश का पोस्टर हमला
भाजपा के एमएलसी और प्रदेश महामंत्री सुभाष यदुवंश ने लखनऊ स्थित बीजेपी प्रदेश मुख्यालय के बाहर एक पोस्टर लगाया, जिसमें लिखा गया:
“सपा की पीडीए पाठशाला का काला सच – A फॉर अखिलेश, D फॉर डिंपल?”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर यही पाठ पढ़ाया जाना है, तो अखिलेश यादव को प्रदेश की जनता से माफ़ी मांगनी चाहिए।
भाजपा का सवाल – कौन अभिभावक चाहेगा ऐसा पाठ?
पोस्टर में पूछा गया कि “प्रदेश का कौन अभिभावक चाहता है कि उसके बच्चे को ऐसी शिक्षा दी जाए जिसमें सियासी नेता पढ़ाए जाएं?”
भाजपा ने इस मुद्दे को बच्चों की शिक्षा के राजनीतिकरण से जोड़ते हुए सपा पर करारा हमला बोला।
सपा का ‘पीडीए’ अभियान
बता दें, समाजवादी पार्टी ने आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए पीडीए – पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक वर्ग को केंद्र में रखकर जनसंपर्क अभियान चलाया है। भाजपा इस पर जातिगत ध्रुवीकरण का आरोप लगा रही है।
📌 निष्कर्ष: मानसून सत्र की शुरुआत से ही यूपी की राजनीति गरमा गई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस पोस्टर वार का जवाब सपा किस अंदाज में देती है।





