- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। पुलिस आयुक्त द्वारा यातायात सभागार में लंबित विवेचना निस्तारण, सुगम यातायात व्यवस्था, आगामी त्यौहार आदि प्रमुख बिन्दुओं के संदर्भ में समीक्षा कर दिए गए आवश्यक निर्देश।
1. आगामी त्यौहार के दृष्टिगत निर्देश-
• होली से पूर्व रमजान के दृष्टिगत धर्मगुरुओं, आयोजकों एवं शांति समिति के साथ समन्वय बैठक कर आपसी सौहार्द, संवाद और कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु संबंधित को निर्देशित किया गया ।
• होली जुलूस, मटका फोड़ एवं होलिका दहन केवल परंपरागत स्थलों पर ही हों। नई परंपरा, मार्ग परिवर्तन प्रतिबंधित रहे तथा विभागीय समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
• सभी थाना प्रभारी संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर जनप्रतिनिधियों से संवाद बनाए रखें तथा संभावित धार्मिक-जातीय विवादित तत्वों को पूर्व चिन्हित कर विधिक पाबंदी व कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
• जुलूसों के साथ पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे। मार्ग में पड़ने वाले धार्मिक स्थलों की विशेष निगरानी कर मर्यादा, सौहार्द और शांति व्यवस्था हर स्थिति में सुनिश्चित की जाए।
• डीजे संचालकों को ध्वनि मानकों व समयसीमा का कड़ाई से पालन कराया जाए। रात्रि 10 बजे बाद प्रतिबंध लागू रहे, उल्लंघन पर अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई की जाए।
• मिश्रित आबादी क्षेत्रों में दिन-रात्रि गश्त बढ़ाई जाए। सीसीटीवी एवं ड्रोन से सतत निगरानी रखते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित प्रतिक्रिया और नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।
• सार्वजनिक मार्गों पर नमाज की अनुमति नहीं होगी। यातायात प्रबंधन हेतु पूर्व योजना, वैकल्पिक मार्ग, पर्याप्त पुलिस बल एवं आयोजन स्थलों पर क्रियाशील सीसीटीवी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
2. यक्ष एप, ई-समन, साक्ष्य एप-
• यक्ष एप एकीकृत प्रणाली है, सभी अधिकारियों को इसके उद्देश्य, मॉड्यूल व उपयोग की विस्तृत जानकारी देकर नियमित डेटा अपडेशन एवं प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
• सहायक पुलिस आयुक्त व चौकी प्रभारियों की बैठक कर यक्ष एप की कार्यप्रणाली, तकनीकी पक्ष और जिम्मेदारियां स्पष्ट कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
• ई-सम्मन के माध्यम से प्राप्त समन/वारंट की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित समयसीमा में निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
• सीन ऑफ क्राइम की तत्काल वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी कर साक्ष्यों का सुरक्षित संधारण करते हुए प्रत्येक प्रकरण में अनिवार्य रूप से SID(साक्ष्य एप) पर फीडिंग व डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।
• सर्च एवं सीज कार्यवाही विधिसम्मत ढंग से कर जब्त सामग्री का विवरण SID में अपलोड किया जाए; बयान दर्ज कर प्रत्येक साक्ष्य संबंधित SID से लिंक किया जाए।
3. विवेचना-
• कोई भी विवेचना 60 दिवस से अधिक लंबित न रहे। सभी विवेचक समयबद्ध जांच पूर्ण करें तथा प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उच्चाधिकारियों को प्रेषित करें।
• 60 दिवस से अधिक विवेचना केवल अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) की अनुमति से ही लंबित रखी जा सकेगी। बिना अनुमति लंबित पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
4. महिला अपराध-
• किसी भी महिला संबंधी प्रकरण में तत्काल गुमशुदगी अथवा एफआईआर अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए। शिकायत लेने में देरी, टालमटोल या लापरवाही कदापि न हो; अन्यथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
• सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपना CUG फोन अनिवार्य रूप से उठाएं। जनता की शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए।
5. यातायात व्यवस्था-
• सभी विक्रेता निर्धारित वेंडिंग जोन में ही दुकान लगाएं। हटाए गए अतिक्रमण स्थल पर पुनः कब्जा न होने दिया जाए, पुनः अतिक्रमण पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई तत्काल की जाए।
• ऑटो एवं ई-रिक्शा संचालक बारकोड प्रणाली का सख्ती से पालन करें, उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
• रांग साइड चलने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें तथा धारा 281 BNS के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया जाए।
• बिना नंबर प्लेट एवं रांग साइड चलने वालों पर नियमित कार्रवाई को आदत बनाएं। केवल अभियान तक सीमित न रखकर सतत प्रवर्तन सुनिश्चित करें।
• क्रिटिकल कॉरिडोर (CC) टीम को दुर्घटनाओं में वृद्धि पर विस्तृत विश्लेषण करने, सड़क किनारे वाहन खड़े न होने देने तथा अवैध कट तत्काल बंद कराने हेतु प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
6. लाउडस्पीकर-
• किसी भी धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर न लगाए जाएं, उल्लंघन की स्थिति में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
7. बारात व्यवस्था-
• बैण्ड-बाजा एवं रोड लाइट वाले निर्धारित व्यवस्था के अनुसार चलें। सड़क का दो-तिहाई भाग यातायात हेतु एवं एक-तिहाई भाग बारात के लिए सुनिश्चित किया जाए।
• निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन न करने पर वीडियोग्राफी कर साक्ष्य संकलित करें तथा संबंधित के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया जाए।
• रात्रि 10 बजे के बाद डीजे पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन की स्थिति में अभियोग पंजीकृत किया जाए, चाहे आयोजन बारात घर में ही क्यों न हो।
• मैरेज लॉन संचालक स्वयं पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करें। लापरवाही पाए जाने पर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
8. गुमशुदा-
• प्रत्येक गुमशुदा प्रकरण में एक उपनिरीक्षक नामित कर व्यक्तिगत निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा तकनीकी और पारंपरिक दोनों माध्यमों से त्वरित ट्रेसिंग कर शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित की जाए।
• गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश में गांडीव पोर्टल पर विवरण जांचकर समन्वय स्थापित किया जाए, बैंक खाता, सीसीटीवी, IMEI, सोशल मीडिया विश्लेषण एवं फैमिली चार्ट बनाकर गहन पूछताछ की जाए।
• ट्रेस किए गए गुमशुदा व्यक्तियों की प्रविष्टि IIF8 में अनिवार्य रूप से दर्ज कर रिकॉर्ड अद्यतन रखा जाए




