
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
मणिपुर/इंफाल: पायलेट ने मौसम को देखते हुए साफ मना किया खतरा है, 60 से 70 किमी सड़कमार्ग से जाना पड़ेगा मा. प्रधानमंत्री जी ने कहा हम चलेंगे… PM मोदी को मणिपुर में SPG ने कैसे पहुंचाया?
चौंकाने वाली तस्वीर आई सामने:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब मणिपुर की राजधानी इंफाल पहुंचते हैं तो पायलट साफ कहता है सर उड़ान भरना संभव नहीं है, जबरदस्ती उड़ान भरने का मतलब खतरा बड़ा हो सकता है.
एसपीजी कमांडो भी अपने वीवीआईपी को किसी भी हाल में खतरे में नहीं डालना चाहते, इसलिए एसपीजी अपना ब्लू बुक निकालती है, जिसमें रूट मैप के साथ-साथ इमरजेंसी एग्जिट का प्लान भी लिखा होता है, लेकिन यहां पीएम मोदी एग्जिट को तैयार नहीं थे, वो सिर्फ दो सवाल पूछ रहे थे… पहला, चुराचांदपुर जाने में कितना वक्त लगेगा, और दूसरा, बिना वहां के लोगों से मिले लौटने का कोई प्लान नहीं बनेगा.
अब यहां आप एसपीजी का दिमाग देखिए.
SPG को ये बात पता थी कि जिस रास्ते से मोदी जाना चाहते हैं, उसी रास्ते पर कल तोड़फोड़ हुई है।
एयरपोर्ट वाले एरिये में मैतई समुदाय के लोग ज्यादा हैं, जबकि वहां कुकी समुदाय के लोग ज्यादा हैं, कहीं-कहीं सड़कें संकरीं और घुमावदार हैं, लैंडस्लाइड का खतरा भी बीच-बीच में पहाड़ों में बना हुआ है।
ये भी ख़बर मिलती है इंफाल के कांगला किले के कुछ हिस्सों में घुटनों तक पानी भर गया है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिंसा के दौरान विस्थापित लोगों से मिलने वाले हैं. इसीलिए एसपीजी के जवान वहां से सीधा स्थानीय पुलिस के साथ-साथ 60-70 किलोमीटर के इलाके का पूरा मौसम अपडेट भी लेते हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे से आसानी से निपटा जा सके.
जिस एयरपोर्ट पर मोदी थे वहां से करीब 60-70 किलोमीटर दूर बने रैली स्थल में पड़ने वाले हर नाकेबंदी और पुलिस थाने को अलर्ट किया जाता है. वहां के आईपीएस ऑफिसर खुद मोर्चा संभालते हैं, और कुछ ही मिनट के भीतर, कई ब्लैक शीशे वाली गाड़ियां वहां खड़ी होती हैं, पीएम मोदी को जो गाड़ी दी जाती है, उसकी डमी गाड़ियां भी तैयार हो जाती हैं, मोदी का काफिला एयरपोर्ट से निकल पड़ता है, लेकिन बीच रास्ते इतनी भयंकर बारिश होती है कि ज्यादा दूर तक कुछ भी देखना संभव नहीं था, फिर भी तकनीक से लैस एसपीजी के जवान हर पल, हर कदम की ख़बर ले रहे थे, और सबने राहत की सांस तब ली जब पीएम मोदी चुराचांदपुर पहुंचे।




