
- रिपोर्ट: स्निग्धा श्रीवास्तव
पीलीभीत। सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब श्रीनगर गौंटिया गांव की आबादी से सटे गन्ने के खेत में एक तेंदुए का शव मिला। जंगल से भटककर आबादी क्षेत्र तक पहुंचे इस तेंदुए की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) भेज दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, बीते कुछ समय से सेहरामऊ क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों में तेंदुए की दहशत बनी हुई थी। तेंदुआ लगातार आबादी के आसपास घूम रहा था और कुछ स्थानों पर हमलों की घटनाएं भी सामने आई थीं। पिछले तीन दिनों से वह पटिहन गांव के पास देखा जा रहा था, जिससे लोगों में भय का माहौल था। गुरुवार देर रात तेंदुआ नेतापुर गांव की आबादी में भी घुस आया था।
वन विभाग की टीम लगातार तेंदुए की निगरानी कर रही थी। बताया जा रहा है कि तेंदुआ बीमार अवस्था में था और इसी कारण वह बार-बार गन्ने के खेतों के रास्ते आबादी के नजदीक पहुंच रहा था। शुक्रवार रात श्रीनगर गौंटिया गांव के पास गन्ने के खेत में उसकी मौत हो गई।
शनिवार सुबह खेत पर पहुंचे ग्रामीणों ने तेंदुए का शव देखा और तुरंत सामाजिक वानिकी विभाग को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही खुटार सामाजिक वानिकी रेंजर मनोज कुमार श्रीवास्तव टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और शव को रेंज कार्यालय ले जाकर पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई भेज दिया।
रेंजर मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तेंदुआ पिछले तीन दिनों से अस्वस्थ नजर आ रहा था और लगातार आबादी के पास दिखाई दे रहा था। तेंदुए की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल तेंदुए की मौत से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, जबकि वन विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है।





