
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस नगर पालिका की उदासीनता और अधिकारियों की अनदेखी से शहरवासी भारी मुश्किलें झेल रहे हैं। बिजली मिल रेलवे फाटक से नगला अलगरजी मार्ग तक की सड़कें पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं। नालियों का गंदा पानी सड़क पर फैल रहा है, जिससे स्थानीय लोग, स्कूली बच्चे और बाइक सवार रोजाना गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि नगर पालिका और संबंधित अधिकारियों को कई बार इस गंभीर समस्या से अवगत कराया गया, मगर आज तक न तो जलनिकासी की व्यवस्था हुई और न ही सड़क की मरम्मत पर ध्यान दिया गया। हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं होता।
हालात से तंग आकर क्षेत्रीय लोगों ने कांग्रेस शहर अध्यक्ष योगेश कुमार ओके को बुलाकर समस्या बताई। मौके पर पहुंचे योगेश ओके ने जनता को आश्वस्त किया कि उनकी लड़ाई में कांग्रेस पार्टी कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ी है।
इसके बाद स्थानीय नागरिकों ने कांग्रेस नेता योगेश कुमार ओके के नेतृत्व में गंदे पानी में उतरकर प्रदर्शन किया और नगर पालिका प्रशासन का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान नारों से पूरा इलाका गूंज उठा –
“हाथरस नगर पालिका होश में आओ”,
“जनता का शोषण बंद करो”,
“गंदगी हटाओ, सड़क बनवाओ!”
प्रदर्शन उपरांत जनता को संबोधित करते हुए योगेश कुमार ओके ने कहा –अगर प्रशासन ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो हम एक दिवसीय अनशन पर बैठेंगे। और फिर भी समाधान नहीं हुआ, तो स्थानीय नागरिक मार्ग को बंद करने पर मजबूर होंगे। जाम और असुविधा की जिम्मेदारी नगर पालिका और प्रशासन की होगी। कांग्रेस पार्टी जनता के साथ चट्टान की तरह डटी रहेगी।”
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोग –
वीरेन्द्र सिंह मासाब, विनोद शर्मा फौजी, कमल सिंह मास्टर, लक्ष्मण सिंह कुशवाह, रवि कुमार वर्मा, ऐदल सिंह, सीयाराम, विनोद कुमार, रवि शर्मा, अभिषेक कुमार, दिलीव वर्मा, अनुज कुमार, अजय आनंद, लखन गुप्ता, राजीव कुमार, विशाल बाबू, लाखन सिंह वर्मा, राजेश वर्मा, मनीष वर्मा, तुलसीराम वर्मा, सोनू कुमार, विवेक कुमार, कृष्णा, कोकी बाबू, कमल वर्मा, दिनेश वर्मा, जितेन्द्र पाल, हेमन्त सिंह, ओमवीर सिंह, निखिल वार्ष्णेय आदि।
जनता की प्रमुख मांगें –
- तत्काल जलनिकासी व्यवस्था की जाए
- सड़क की मरम्मत कराई जाए
- जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो
- सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए
अब देखना यह होगा कि क्या नगर पालिका प्रशासन जनता की आवाज़ सुनेगा या फिर लोग आंदोलन को और तेज करेंगे।





