
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस: बेसिक शिक्षा विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है। जिला विकास अधिकारी (DDO) पर रिश्वत लेकर विभागीय आख्या तैयार करने के आरोपों ने पूरे जिले से लेकर लखनऊ तक हलचल मचा दी है। मामला तभी भड़का जब प्राथमिक विद्यालय नगला बिहारी, मुरसान के शिक्षक सिद्धार्थ कुमार के निलंबन में फर्जीवाड़े की शिकायत सामने आई।
सूत्रों की मानें तो खंड शिक्षा अधिकारी सुबोध पाठक पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता के फर्जी हस्ताक्षर कराकर कथित तौर पर फर्जी आख्या तैयार करवाई, जिसके बाद शिक्षक का निलंबन हुआ। इस पूरे प्रकरण में विभागीय लिपिकों और अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठते रहे हैं।
लेकिन असली विस्फोट तब हुआ जब विभाग में “मनमाफ़िक रिपोर्ट तैयार कराने” के लिए DDO पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि DDO ने आरोपियों के मुताबिक आख्या तैयार कर शासन को भेजी।
मामला बढ़ने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वाति भारती ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट शासन को भेज दी।
और फिर—
लखनऊ से बड़ी कार्रवाई!
निदेशक बेसिक शिक्षा ने DDO की भेजी आख्या को पूरी तरह निरस्त कर दिया और आदेश दिया कि—
मामले की पुनः नियमानुसार निष्पक्ष जांच हो
जनसुनवाई में गलत रिपोर्ट देने वाले अधिकारी को C श्रेणी में डाला जाए
और भविष्य में शासन के निर्देशों के मुताबिक सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
इस आदेश के बाद हाथरस के शिक्षा विभाग में सन्नाटा और सियापा दोनों है।
कर्मचारियों में चर्चा तेज है—
“क्या अब इस प्रकरण में बड़े सिर भी लुढ़क सकते हैं?”
“क्या विभागीय फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आएगा?”
फिलहाल, जिले के शिक्षा महकमे में यह मामला सबसे बड़ी गर्मागर्मी का मुद्दा बना हुआ है, और हर कोई अगले आदेश का इंतजार कर रहा है।


