
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस: सावन मास के दूसरे सोमवार पर श्रद्धा और आस्था का अनूठा संगम उस समय देखने को मिला जब शहर के प्रसिद्ध सपड़िया महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का अद्भुत और आकर्षक श्रृंगार किया गया। यह श्रृंगार किसी पारंपरिक फूलों या कपड़ों से नहीं, बल्कि गाय के चारे में उपयोग की जाने वाली हरी ‘चरी’ से सजाया गया, जिसने सभी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस विशेष श्रृंगार के पीछे केवल आस्था ही नहीं, एक सामाजिक और पर्यावरणीय संदेश भी छिपा था। भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के समर्थन में इस बार महादेव को प्रकृति से जुड़ी वस्तुओं से सजाया गया। आयोजनकर्ताओं ने बताया कि यह श्रृंगार सिर्फ शिवभक्ति नहीं, बल्कि प्रकृति के संरक्षण और मातृवंदना का प्रतीक है।

मंदिर समिति से जुड़े सदस्य पंडित बताया, “हमने भोलेनाथ को चरी से सजाकर यह संदेश देने का प्रयास किया है कि जैसे माँ जीवन देती है, वैसे ही पेड़ भी हमें प्राणवायु देते हैं। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ योजना को आत्मसात करते हुए हमने इसे एक धार्मिक स्वरूप भी देने की कोशिश की है।”

संवेदनशीलता और श्रद्धा का अद्भुत संगम, और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश – सपड़िया महादेव मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार को यह आयोजन निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बन गया।





