-नगर निगम का कूड़ा सेग्रिगेशन पर जोर, भवन स्वामियों को मिलेंगे चार प्रकार के बिन्स
-नगर आयुक्त ने स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया नागरिकों को प्रोत्साहित करने का निर्देश
-जागरूकता ही सफलता की कुंजी, अपर नगर आयुक्त की सख्ती, लापरवाही पर होगी जवाबदेही
-जनजागरुकता के लिए प्रत्येक वार्ड के 30 घरों में नगर निगम वितरित करेगा चार प्रकार के डस्टबिन
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी : नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैकिंग के लिए लगातार प्रयासरत है हालांकि इसके लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है। इसे देखते हुए निगम अब प्रत्येक वार्ड में चार अलग-अलग श्रेणियों के डस्टबिन और जागरूकता स्टिकर वितरित करने का निर्णय लिया है ताकि शतप्रतिशत कूड़े का पृथ्थक्कीकरण (सोर्स सेग्रिगेशन) किया जा सके।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम का लक्ष्य है कि ‘सोर्स सेग्रिगेशन’ यानी घर से ही कचरा अलग-अलग होकर निकले। इसके लिए जागरूकता स्टिकर घरों के बाहर लगाए जा रहे हैं। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जो नागरिक इस नियम का पालन करेंगे, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए और जो सहयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें स्वच्छता के नियमों का पाठ पढ़ाया जाए। इस क्रम में अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने स्वास्थ्य विभाग से प्रत्येक वार्ड के लिए चार रंगों के कूड़ेदान (बिन्स) जारी देने का निर्देश दिया है।
उन्होंने अभियान के पहले चरण में प्रत्येक वार्ड के कम से कम 30 ऐसे भवन स्वामियों को चिन्हित करने जो शत-प्रतिशत कूड़ा पृथक्करण का पालन कर रहे हैं या इसके लिए तत्पर हैं। इन नागरिकों को मॉडल के रूप में डस्टबिन और जागरूकता स्टिकर दिए भी जा रहे हैं, ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हो सकें। अपर नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि कूड़ा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वह डस्टबिन वितरण और स्टिकर चिपकाने की फोटो साक्ष्य के साथ रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराएं।
इस प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए वाट्स-एप ग्रुप और निर्धारित प्रारूप का उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे वार्डों में जाकर सीधे लोगों को गीला, सूखा और हानिकारक कचरा अलग रखने के लिए जागरूक करें।



