
- स्वतंत्र पत्रकार: चंदन दुबे
मिर्जापुर मंडली अस्पताल में प्राइवेट दुकानदार का नाजायज गोदाम, जिम्मेदार भ्रष्ट डॉक्टर के रंगरलिया का गुप्त सुरंग, ऊपरी कमाई के चर्चा का अड्डा
मिर्ज़ापुर: यूपी के इस जिले में भ्रष्टाचार पर राम-राम, सीताराम, राधेश्याम कहने की जगह अब सुभानअल्लाह माशा अल्लाह बिस्मिल्लाह कहिए— क्यों की जीरो टॉलरेंस की नीति को गुप्त तहखाना से तब्दील कर दिया गया है। बताते चलें कि जिले के मंडलीय अस्पताल में जहां बीमार जनता को मिलने वाले सुविधाओं का बहू गुणगान उत्तर प्रदेश की सरकार डंके की चोट पर करती कराती है वहां से आए दिन सुविधाओं की व्यवस्थाएं नदारत देखने सुनने को मिल जाता है। इस वक्त जिला मंडलीय अस्पताल के जिम्मेदार दायित्व निर्वहन अधिकारियो के संरक्षण में एक प्राइवेट दवा खाना के मेडिकल शॉप को अस्पताल परिसर में बने कमरे को गोदाम परिसर में गुप्त सुरंग में तब्दील कर के संरक्षित अधिकार दिया गया है। जो यह दिखाता है कि भ्रष्टातंत्र में संलिप्त डॉक्टरो के भ्रष्टाचार के काले करतूत का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
मामला यह है कि जिला मंडलीय अस्पताल के ट्रामा सेंटर के पीछे एक अवैध गोदाम बना हुआ है जिसमें एक प्राइवेट दवा दुकान संचालक के द्वारा लाखों करोड़ों रुपए के अवैध दवा जीएसटी चोरी के तहत भरे गए हैं जो विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार है की सरकारी दवा भी उस दवा खाने में मिल जाएंगे। वही विश्वसनीय सूत्र यह भी बताते हैं कि अस्पताल प्रशासन उस अवैध दवा गोदाम से ₹15000 हजार मासिक कमाई भी प्राप्त कर रहे हैं और चाय नाश्ता पुरी अचार मिठाई का अलग स्वाद ले रहे हैं। जिन डॉक्टरों को मानवी अनुकरणीय रूप से जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी वह जिम्मेदार भ्रष्टाचार की आगोशी में मदहोश होकर मदहोशी का आनंद ले रहे हैं।
जहां यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि योगी सरकार में जीरो टॉलरेंस की भ्रष्ट नीति प्रत्यक्ष रूप से सामने है जिसे माशा अल्लाह सुभान अल्लाह बिस्मिल्लाह कहने में कोई गुरेज नहीं होना चाहिए।





