
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
मथुरा के वृंदावन स्थित विश्वप्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में रविवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई जब उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा को मंदिर में दर्शन करने से रोक दिया गया।
जैसे ही मंत्री मंदिर के गर्भगृह के सामने पहुंचे, सेवायतों ने तुरंत पर्दा डाल दिया। न उन्हें प्रसाद दिया गया और न ही परंपरा अनुसार पटका पहनाया गया। मंदिर के गोस्वामी और सेवायतों ने उनका खुले तौर पर विरोध करते हुए उन्हें सम्मान देने से इनकार कर दिया।
कॉरिडोर निर्माण के विरोध में नारेबाज़ी
इस दौरान बांके बिहारी कॉरिडोर के विरोध में जुटी स्थानीय महिलाओं ने भी जमकर नारेबाज़ी की। वे मंत्री के मंदिर पहुंचने से पहले ही परिसर के बाहर एकत्र हो गई थीं और सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थीं।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा
स्थिति को तनावपूर्ण होता देख प्रशासन हरकत में आया और सुरक्षा के बीच मंत्री ए.के. शर्मा को मंदिर के दूसरे गेट से बाहर निकाला गया। इस पूरी घटना ने स्थानीय असंतोष को और उजागर कर दिया है।
विवाद की पृष्ठभूमि
उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा प्रस्तावित बांके बिहारी कॉरिडोर निर्माण परियोजना का स्थानीय पुजारियों, सेवायतों और निवासियों द्वारा लंबे समय से विरोध किया जा रहा है। उनका मानना है कि यह परियोजना मंदिर की पारंपरिक संरचना और धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप है।
👉 बांके बिहारी मंदिर में मंत्री के साथ हुआ व्यवहार स्थानीय आक्रोश की गंभीरता को दर्शाता है। सरकार को अब संवाद और सहमति के रास्ते पर आगे बढ़ना होगा, वरना यह विरोध और गहराता जाएगा।





