
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। शहर में बढ़ते बंदर आतंक को लेकर प्रशासन ने बड़ा और अहम फैसला लिया है। अब बंदरों को पकड़ने और उनके प्रबंधन की जिम्मेदारी नगर निगम से हटाकर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को सौंप दी गई है। यह निर्णय इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही जनहित याचिका के बाद लिया गया है, जिसमें बंदरों की बढ़ती समस्या को गंभीरता से उठाया गया था। शासन स्तर पर हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद नगर विकास विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत वन विभाग को एक महीने के भीतर बंदरों के प्रबंधन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करनी होगी। इसमें बंदरों को पकड़ने, उनके पुनर्वास और स्थायी समाधान के उपाय शामिल होंगे।
हालांकि इस कार्य में नगर निगम और अन्य संबंधित विभाग भी सहयोग करेंगे, लेकिन मुख्य जिम्मेदारी अब वन विभाग की होगी। इससे पहले जिम्मेदारी को लेकर विभागों के बीच खींचतान की स्थिति बनी रहती थी, जिससे समस्या का समाधान प्रभावित हो रहा था।इस फैसले के बाद शहरवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि लंबे समय से लोग बंदरों के हमलों और उत्पात से परेशान थे। अब स्पष्ट जिम्मेदारी तय होने से प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।





