
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों के मर्जर को लेकर योगी सरकार ने बड़ा और राहत भरा निर्णय लिया है। अब 1 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले किसी भी स्कूल को मर्ज नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही 50 से अधिक नामांकित बच्चों वाले स्कूल भी मर्जर की प्रक्रिया से बाहर रहेंगे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि यह फैसला बच्चों की सुविधा, पहुंच और शिक्षा की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों के छात्रों को उनके नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।
सरकार के इस फैसले से उन अभिभावकों और शिक्षकों को राहत मिली है जो स्कूलों के एकीकरण को लेकर आशंकित थे। शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि अब किसी भी स्कूल को बंद करने या जोड़ने से पहले स्थानीय जरूरतों और छात्रों की संख्या को प्राथमिकता दी जाएगी।
इस नीति से जहां छात्रों को अपने गांव या मोहल्ले के पास ही स्कूल की सुविधा बनी रहेगी, वहीं शिक्षा के स्तर में सुधार की भी उम्मीद जताई जा रही है।





