
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट, ब्यूरो लखनऊ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को अभूतपूर्व राहत देते हुए “बिजली बिल राहत योजना-2025” लागू करने की घोषणा की है। ऊर्जा विभाग द्वारा तैयार की गई यह ऐतिहासिक योजना 1 दिसंबर 2025 से शुरू होकर तीन चरणों में तीन महीने तक संचालित की जाएगी। सरकार ने जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे इस योजना का व्यापक प्रचार कर अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इसका लाभ दिलाएं।
ऐतिहासिक राहत: पहले कभी न मिली इतनी बड़ी छूट
ऊर्जा विभाग ने बताया कि यह अब तक की सबसे उदार राहत योजना है, जिसमें उपभोक्ताओं को कई बड़े फायदे दिए जा रहे हैं—
🔹 लेट पेमेंट सरचार्ज पर 100% तक छूट
दंड और ब्याज (LPSC) पर सभी तीन चरणों में 100% तक की छूट उपलब्ध रहेगी।
🔹 पहली बार मूलधन में 25% तक छूट
उपभोक्ता के बिल के मूलधन पर अभूतपूर्व 25% की छूट दी गई है।
🔹 बकाया और वर्तमान बिल अलग-अलग
अब उपभोक्ताओं के बकाया बिल और वर्तमान बिल को अलग कर दिया गया है, जिससे भुगतान आसान हो सकेगा।
🔹 आसान किश्तों में भुगतान की सुविधा
नियमित बिल भरने वाले उपभोक्ता अपना पुराना बकाया ₹500 / ₹750 की आसान किस्तों पर चुका सकते हैं।
इस राशि पर कोई ब्याज नहीं लगेगा।
🔹 बढ़े हुए बिल का समाधान
बिल अधिक होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को औसत बिल भरने की सुविधा दी गई है।
🔹 आपराधिक मामलों में बड़ी राहत
आपराधिक मामलों में निर्धारित कर पर 50% तक की छूट दी गई है।
उपभोक्ताओं से अपील
ऊर्जा विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे इस राहत योजना का पूर्ण लाभ अवश्य लें। सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी उपभोक्ता पर बिजली बिल का बोझ न बढ़े और सभी बिना किसी कठिनाई के अपना बकाया चुका सकें।
यह योजना प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने के साथ-साथ एक आर्थिक रूप से सुदृढ़ और पारदर्शी व्यवस्था की ओर भी कदम माना जा रहा है।


