
- रिपोर्ट – अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ।राजधानी लखनऊ में सड़क सुरक्षा बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर डिवाइडरों पर मानक-विहीन फाउंडेशन पर लगाए गए यूनिपोल वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। इन यूनिपोल की गलत लोकेशन और कमजोर संरचना को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की लापरवाही अभी भी जारी है।
सूत्रों के अनुसार, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत काम कर रहे अफसरों और अभियंताओं की लचर निगरानी के चलते शहरभर में बेतरतीब यूनिपोल लगाए जा रहे हैं। ये फाउंडेशन न केवल मानकों के विरुद्ध हैं बल्कि रात में और कोहरे के दौरान बेहद खतरनाक व हादसों को आमंत्रित करने वाले साबित हो सकते हैं।
कोहरे के मौसम में बढ़ेगा खतरा
आने वाले महीनों में घने कोहरे के चलते दृश्यता कम हो जाती है, ऐसे में सड़क के बीचों-बीच खड़े ये असुरक्षित यूनिपोल वाहन चालकों की जान के लिए बड़े खतरे बन सकते हैं।
जोन-7 सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे कई मानक-विहीन यूनिपोल देखने को मिल रहे हैं। विशेष रूप से कुर्सी रोड पर इनके अनेक उदाहरण साफ देखे जा सकते हैं, जहां ये वाहन चालकों के लिए वास्तविक “मौत का जाल” साबित हो रहे हैं।
जनहित में मरम्मत की मांग
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों की मांग है कि:
डिवाइडरों पर बनाए गए सभी मानक-विहीन फाउंडेशन की तत्काल जांच की जाए
जहां भी आवश्यकता हो, इनकी मानक अनुसार मरम्मत या हटाव किया जाए
दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए चेतावनी पट्ट और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं
जिम्मेदार अफसरों की जवाबदेही तय की जाए
जनता का कहना है कि बिना किसी वैज्ञानिक अध्ययन या सुरक्षा मानकों के इन यूनिपोल को खड़ा करना प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
स्मार्ट सिटी लखनऊ में जहां आधुनिक सुविधाओं के वादे किए जाते हैं, वहीं इस प्रकार की सुरक्षा खामियां आमजन के जीवन को सीधे प्रभावित कर रही हैं। अब देखना यह है कि नगर निगम व स्मार्ट सिटी प्रशासन इन शिकायतों पर कितना संज्ञान लेते हैं और कितनी जल्दी इन खतरनाक संरचनाओं को ठीक किया जाता है।


