
राजधानी लखनऊ में जहां पीडब्ल्यूडी विभाग व नगर विकास विभाग सड़क निर्माण नालियों व शहर को दुरुस्त करने के लिए करोड़ों अरबो रुपए का बजट देती है। बजट तो सड़कों के नाम पर और नालियों के नाम पर आ जाता है लेकिन जो जिम्मेदार हैं वहां के वह काम नहीं करा पाते हैं। जिसकी वजह से डिगडिगा मुरलीपुर से देवा मार्ग आने जाने वाले राहगीरों के लिए राजधानी के अंदर सड़क पर कमर तोड़ गड्ढे अक्सर जानलेवा साबित होते हैं। इन सड़कों को दुरुस्त करने के लिए विभाग करोड़ों अरबो रुपए साल में देती है लेकिन या बजट सड़कों पर न लगकर कहां चला जाता है पता नहीं।
इन सड़कों की जिम्मेदारी क्षेत्रीय पार्षद विधायक व सांसदों के ऊपर होती है जिनको इन सड़कों का ध्यान रखना चाहिए लेकिन इन बड़े-बड़े गड्ढेदार सड़कों की वजह से आए दिन कभी किसी का एक्सीडेंट हो जाता तो कभी किसी का हाथ पैर टूट जाता इन सड़कों पर दिन में तो बड़े-बड़े गड्ढों की वजह से चलना मुश्किल हो जाता है तो रात में गड्ढे दिखते नहीं उसकी वजह से चलना मुश्किल हो जाता है और आए दिन एक्सीडेंट होते रहते हैं। सरकारें आती है और चली जाती हैं।
लेकिन गड्ढे जस के तस बने रहते हैं आखिर में वहां के समाजसेवी और उनके सहयोगियों के द्वारा इस सड़क पर ध्यान जाता है और उन लोगों के द्वारा यह जिम्मेदारी उठाई जाती है कि सड़क को कैसे गड्ढा मुक्त किया जाए और फिर सब मिलकर सड़क को दुरुस्त करने का जिम्मा उठाते हैं। आपको बता दूं कि समाजसेवी जितेंद्र नारायण व उनके सहयोगियों के द्वारा मुरली पर से लेकर देवा संपर्क मार्ग तक गड्ढेदार सड़क को दुरुस्त करने का काम किया जाता है इस सड़क पर आए दिन बड़े-बड़े गड्ढों की वजह से ई रिक्शा वह मोटरसाइकिल पलट जाती थी जिससे लोगों के हाथ पैर टूट जाते थे और राहगीरों को आए दिन चोटिल होना पड़ता था।
वहां की क्षेत्रीय जनता ने डिगडिगा मुरलीपुर से देवा संपर्क मार्ग तक दुरुस्त करने के लिए समाजसेवी मिस्टर जितेंद्र नारायण व दिनेश कुमार यादव, डॉ लालता प्रसाद धीरेन्द्र कुमार यादव, सुशील कुमार यादव, अरविन्द कुमार यादव, मनोज कुमार, संजय वर्मा, हंसराज वर्मा , शिव कुमार वर्मा, जय कारण पाल अभिषेक यादव, अनुराग यादव, भारत सिंह, गजराज वर्मा, सुशील कुमार वर्मा, उपेंद्र वर्मा लोगों का क्षेत्रीय जनता ने आभार जताया।




