
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ, बंथरा थाना क्षेत्र: राजधानी लखनऊ के हरौनी चौकी क्षेत्र में एक बार फिर हरे-भरे आम के पेड़ों की अंधाधुंध कटान का मामला सामने आया है। दर्जनों हरे आम के पेड़ काटे जाने की सूचना के बाद इलाके में पर्यावरण प्रेमियों में रोष है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब कुछ हरौनी चौकी पुलिस की मिलीभगत से हो रहा है।
पुलिस पर संरक्षण देने का आरोप
सूत्रों के मुताबिक, चौकी इंचार्ज अर्जुन राजपूत और सिपाही देवेन्द्र कुमार पर आरोप है कि वे लकड़ी माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि हर अवैध कार्य करने वालों को इन दोनों पुलिसकर्मियों का खुला समर्थन प्राप्त है।
पर्यावरण के प्रति सरकार की मंशा को ठेंगा
जहां एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेशभर में “एक पेड़, एक माँ के नाम” जैसे अभियानों के जरिए पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर हैं, वहीं दूसरी ओर चौकी पुलिस हरे पेड़ों की कटाई करवा रही है। यह मुख्यमंत्री की मंशा और सरकारी आदेशों की खुली अवहेलना है।
उच्चाधिकारियों तक पहुंच रही है कथित “रकम”
सूत्र यह भी बताते हैं कि चौकी इंचार्ज अर्जुन राजपूत द्वारा कथित तौर पर मोटी रकम डीसीपी दक्षिणी तक पहुंचाई जाती है। आरोप तो यहां तक हैं कि हरौनी चौकी में तैनाती पाने के लिए भी डीसीपी निपुण अग्रवाल तक चढ़ावा दिया गया था, जिसके चलते आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
अवैध कार्यों का अड्डा बनता हरौनी क्षेत्र
हरौनी क्षेत्र में पहले भी कई आम की बागों की कटान की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा साप्ताहिक बाजार में दुकानदारों और ग्राहकों से चालान के नाम पर शोषण किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
सवालों के घेरे में पुलिस व्यवस्था
स्थानीय लोगों का कहना है कि डीसीपी दक्षिणी से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे सवाल उठता है कि क्या हरौनी चौकी क्षेत्र में पुलिस की मनमानी का अंत कभी होगा?
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