
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ। राजधानी के लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के जोन-1 में अवैध निर्माण का खेल तेजी से चल रहा है। कल जोनल अधिकारी संगीता राघव ने गोमतीनगर क्षेत्र का दौरा कर एक अवैध डेयरी को दल-बल के साथ हटवाया था, लेकिन उसी इलाके में कुछ ही दूरी पर अवैध निर्माण का कार्य बेधड़क जारी है। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के सख्त आदेशों के बावजूद सहायक अभियंता और अवर अभियंता राम चौहान जैसे अधिकारी इन उल्लंघनों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या इसी तरह होगा राजधानी का चतुर्भुज विकास?
विजयंत खंड, गोमतीनगर में एक मल्टीपर्पस बिल्डिंग का निर्माण बिना नक्शा स्वीकृति के जोरों पर चल रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माणकर्ता खुलेआम नियम तोड़ रहे हैं, जबकि LDA की टीम केवल दिखावे की कार्रवाई तक सीमित रह गई है। कल के दौरे के दौरान संगीता राघव ने गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-1, 5, 6 और 7 में कई स्थानों पर अवैध होटल, कॉम्प्लेक्स और गोदामों का निर्माण रोकने का दावा किया, लेकिन सूत्रों के अनुसार, दौरा खत्म होते ही काम फिर शुरू हो गया।
प्रवर्तन जोन-1 के तहत सुनील, मयंक गुप्ता, अभय सिंह, हितेश खन्ना, अर्पणा दूबे, अर्चना पांडेय, सियाराम जायसवाल, तौसीफ अहमद, जितेंद्र शुक्ला, सुनीता सिंह और उदय प्रताप सिंह जैसे नामों से जुड़े कई प्रोजेक्ट अवैध रूप से बहुमंजिला भवनों का निर्माण कर रहे हैं। इनमें से कुछ पर कार्रवाई हुई, लेकिन अधिकांश पर अभी भी ढील बरती जा रही है। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने हाल ही में फटकार लगाई थी कि अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, फिर भी जमीनी स्तर पर अधिकारी आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं।
नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “LDA का चतुर्भुज विकास का सपना अवैध निर्माणों के कारण धूमिल हो रहा है। अगर अधिकारी सक्रिय नहीं हुए तो शहर की सुंदरता पर बट्टा लगेगा।” अब सवाल यह है कि क्या एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार अवैध निर्माण करने व कराने वालों पर प्रभावी कार्रवाई करेंगे, या यह सिलसिला यूं ही चलेगा? प्राधिकरण ने अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है।




