
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: राजधानी लखनऊ में पुलिस की वर्दी और नाम का दुरुपयोग कर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। गोमतीनगर पुलिस और पूर्वी ज़ोन की क्राइम टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फ़र्ज़ी SOG टीम बनाकर ठगी करने वाले गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
नकली पुलिस बनाकर करते थे ठगी, तमंचा दिखाकर डराते थे लोग
गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का सरगना विशाल कुमार सहित रामबहादुर, राम प्रसाद और अंजनी कुमार शामिल हैं। ये लोग खुद को SOG या क्राइम ब्रांच टीम का सदस्य बताकर लोगों को धमकाते और तमंचा दिखाकर उनसे पैसे ठगते थे।
निवेश के नाम पर चलाते थे डबल पैसे का झांसा
गिरोह केवल पुलिस बनकर ठगी ही नहीं करता था, बल्कि निवेश के नाम पर पैसे को दोगुना करने का झांसा देकर भी लोगों को ठगते थे। कभी-कभी ये खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी भी बताते थे ताकि लोग आसानी से विश्वास कर लें।
बरामद हुए चिल्ड्रन बैंक के नोट और हथियार
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:
- 30 गड्डियां चिल्ड्रन बैंक ऑफ इंडिया के नोट (500 के नोट की शक्ल में)
- 8 नकली गड्डियां, जिनके ऊपर असली ₹500 के नोट लगे थे और बाकी अंदर चिल्ड्रन बैंक के नोट थे
- तमंचा और कारतूस
भी बरामद किए हैं।
पुलिस की सतर्कता से गिरोह का भंडाफोड़
गोमतीनगर पुलिस की तत्परता और पूर्वी जोन क्राइम टीम की सतर्कता से यह बड़ा गिरोह पकड़ा गया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।
निष्कर्ष
लखनऊ में पुलिस जैसी वर्दी और पहचान का गलत इस्तेमाल कर लोगों को धोखा देने वाला यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था, लेकिन अब पुलिस की कार्रवाई से इसे बड़ी चोट पहुंची है। आम जनता से अपील की गई है कि ऐसे किसी संदिग्ध व्यक्ति या टीम के संपर्क में आने पर तुरंत स्थानीय थाने या हेल्पलाइन पर सूचना दें।





