
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ पुलिस मुख्यालय में डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सावन माह में चल रही कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा और व्यवस्था संबंधी तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।
डीजीपी ने बताया कि यूपी, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठकें की गई हैं, ताकि चारों राज्यों में यात्रा के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। मेरठ जोन में विशेष ट्रैफिक स्कीम लागू की गई है।
सुरक्षा के लिए हाई अलर्ट:
घाटों पर प्रशिक्षित गोताखोर तैनात किए गए हैं, संवेदनशील इलाकों में अस्थाई पुलिस चौकियां बनाई गई हैं और प्रत्येक 1 किमी पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। कुल 50 कंपनियों में लगभग 45,000 पुलिसकर्मी पूरे प्रदेश में तैनात किए गए हैं।
टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल:
सुरक्षा निगरानी के लिए सीसीटीवी, टीथर्ड कैमरे और ड्रोन लगाए गए हैं। फूड सेफ्टी की अधिकृत एजेंसियों के अधिकारी भी मौके पर तैनात किए गए हैं, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और शुद्ध भोजन मिले।
धार्मिक भावनाएं आहत न हों:
डीजीपी ने ढाबा संचालकों और आमजन से अपील की कि वे ऐसा कोई कार्य न करें जिससे कांवड़ यात्रियों की धार्मिक भावनाएं आहत हों। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस अधिकारियों को देने की अपील की गई है।
धर्मांतरण पर सख्ती:
धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों पर भी डीजीपी ने कड़ा रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि एटीएस जांच कर रही है और इनपुट के आधार पर कार्रवाई जारी है। जो भी व्यक्ति धर्मांतरण में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ साक्ष्य के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेष इंतजाम इन ज़िलों में:
आगरा, बरेली, मेरठ और प्रयागराज जोन में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर अतिरिक्त सुरक्षा और सुविधा के खास प्रबंध किए गए हैं।
डीजीपी ने साफ शब्दों में कहा कि जो भी कानून-व्यवस्था के खिलाफ काम करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





