
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: डीजीपी राजीव कृष्णा ने जानकारी दी कि प्रदेश में 27 और 28 तारीख को प्रदेश स्तरीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में कुल 11 सत्र होंगे।
उन्होंने बताया कि कल सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री अधिकारियों के साथ सम्मेलन में शामिल होंगे। पहले दिन 8 सत्र और दूसरे दिन 4 सत्र आयोजित किए जाएंगे। सभी 11 सत्रों में वरिष्ठ अधिकारी संयुक्त रूप से प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने-अपने विचार और अनुभव साझा करेंगे।
सम्मेलन में पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। बीट पुलिसिंग को और बेहतर बनाने, महिला अपराधों की रोकथाम और इस दिशा में हुए सुधारों पर विशेष सत्र होंगे। इसके अलावा पुलिस थानों के स्वरूप में आए बदलाव और उनके इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी चर्चा की जाएगी।
चौथे सत्र में साइबर क्राइम पर फोकस रहेगा। डीजीपी ने बताया कि यूपी में पिछले तीन महीनों में साइबर अपराधों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं और साइबर कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
पुलिस के व्यवहार, पुलिस जनशक्ति के बेहतर प्रबंधन और पुलिस वेलफेयर जैसे विषय भी चर्चा में शामिल रहेंगे। डीजीपी ने कहा कि सजा दिलाने के मामले में यूपी देश में प्रथम स्थान पर है और नए कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी मंथन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि CCTNS के 2 मार्च 2026 तक लागू होने की संभावना है, उससे पहले इसकी तैयारी पर चर्चा होगी। सम्मेलन में एनसीबी के केंद्रीय अधिकारी भी शामिल होंगे। सात वर्ष की सजा वाले मामलों में साक्ष्य संकलन, डिजास्टर मैनेजमेंट और क्राउड मैनेजमेंट पर भी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
आगामी कुंभ मेला और माघ मेला जैसे बड़े आयोजनों के दौरान तकनीक के उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा होगी। इसके साथ ही एंटी टेरर और नारकोटिक्स से जुड़े विषयों को आगे कैसे बढ़ाया जाए, इस पर भी मंथन किया जाएगा।
सभी सत्रों के बाद मुख्यमंत्री अधिकारियों को मार्गदर्शन देंगे। अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों का सहयोग भी लिया जाएगा। प्रोफेशनल विषयों पर चर्चा के लिए सभी एडीजी और कमिश्नर मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री लगातार दो दिन इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
डीजीपी ने बताया कि यह कार्यक्रम पुलिस वीक की जगह नए स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश भर के पुलिस कमिश्नर और एडीजी शामिल होंगे।




