
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के DGP राजीव कृष्ण ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यभर के जोन, पुलिस कमिश्नरेट, रेंज और जनपद स्तर के SSP-SP अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जनसुनवाई, साइबर अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशिक्षण जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
IGRS प्रकरणों की खुद करें समीक्षा: DGP
DGP ने निर्देश दिए कि अधिकारी IGRS (जन शिकायत निवारण प्रणाली) के मामलों की स्वयं समीक्षा करें और जनसुनवाई की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। जनता की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
साइबर अपराध पर सख्ती के निर्देश
बैठक के दौरान साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए DGP ने सभी जिलों को साइबर अपराध नियंत्रण के लिए विशेष रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों को साइबर मामलों में प्रशिक्षित किया जाए ताकि तकनीकी अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
अवांछनीय तत्वों पर पूरी तरह रोक
DGP राजीव कृष्ण ने सख्त लहजे में कहा कि अवांछनीय और आपराधिक प्रवृत्ति के तत्वों का किसी भी हाल में प्रवेश पूरी तरह से बंद किया जाए। ऐसे लोगों पर नजर रखने और उनके खिलाफ समय पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षण को लेकर भी दिशा-निर्देश
पुलिस प्रशिक्षण को लेकर भी चर्चा की गई, जिसमें फील्ड में कार्यरत अधिकारियों और जवानों को आधुनिक प्रशिक्षण तकनीकों से लैस करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। DGP ने कहा कि बेहतर पुलिसिंग के लिए निरंतर प्रशिक्षण और अपडेटेड ज्ञान जरूरी है।
बैठक के अंत में DGP ने सभी अधिकारियों को जनहित में संवेदनशील, जवाबदेह और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने की हिदायत दी।





