
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ: हजरतगंज थाने के थानाध्यक्ष विक्रम सिंह ने एक बार फिर सूझ-बूझ और संयम की मिसाल पेश करते हुए पुलिसिंग के मानवीय चेहरे को उजागर किया। मूकबधिर छात्रों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन को बिना बल प्रयोग के शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कराना उनकी कार्यकुशलता का परिचायक बना।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की भाषा समझ पाना सभी के लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन विक्रम सिंह ने हार नहीं मानी। उन्होंने छात्रों की बात समझने के लिए वीडियो कॉल पर एक ट्रांसलेटर की मदद ली, जिससे संवाद स्थापित हो सका। इसके बाद छात्रों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनकर उन्हें संतुष्ट किया गया, जिसके चलते उन्होंने शांतिपूर्वक प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें विक्रम सिंह की व्यवहारिकता और संवेदनशीलता की हर तरफ सराहना हो रही है। लोगों ने इसे “अत्याधुनिक पुलिसिंग” का बेहतरीन उदाहरण बताया।
मूकबधिर छात्रों ने भी थानाध्यक्ष की इस पहल का खुले दिल से स्वागत किया और उन्हें धन्यवाद दिया। विक्रम सिंह की यह पहल दर्शाती है कि कठिन परिस्थितियों में भी यदि संयम और संवेदनशीलता से काम लिया जाए, तो हर समस्या का समाधान संभव है।
उनकी यह कार्यप्रणाली न केवल विभाग के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी।





