लखनऊ: नवरात्रि से पहले मिलावटी खाद्य पदार्थों पर सख्ती, 38 नमूने जब्त, कई दुकानों का खाद्य व्यापार बंद

- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: नवरात्रि पर्व के अवसर पर मिलावटी खाद्य और पेय पदार्थों की बिक्री पर रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश और लखनऊ के जिलाधिकारी के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत कुट्टू का आटा, सिघाड़ा का आटा, साबूदाना, मूंगफली, रामदाना, सूखे मेवे और अन्य फलाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 38 नमूने संग्रहित किए गए और कुछ प्रतिष्ठानों से कुल 566 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनका अनुमानित मूल्य 1,73,840 रुपये है।
प्रमुख रूप से रोजाना रूरल कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड, अमौसी इंडस्ट्रियल एरिया, लखनऊ से 99 किग्रा जीरा (मूल्य 44,550 रुपये), 124 किग्रा किशमिश (मूल्य 74,400 रुपये) और 299 किग्रा साबूदाना (मूल्य 32,890 रुपये) जब्त किया गया। इसके अलावा, दुर्गा खस्ता कॉर्नर, लाटूश रोड से 44 किग्रा घी (मूल्य 22,000 रुपये) सीज किया गया। बिना खाद्य लाइसेंस के संचालित होने वाले कुछ प्रतिष्ठानों का खाद्य व्यापार तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया।
निरीक्षण में शामिल प्रतिष्ठानों में वी बाजार (आलमबाग), खुशी प्रोविजन स्टोर (मोहनलालगंज), मोहित किराना स्टोर (माल, मलिहाबाद), मिश्रा जनरल स्टोर (माल, मलिहाबाद), आशीष दूध डेरी (माल, मलिहाबाद), आदर्श बेकरी (माल, मलिहाबाद), कमलेश एजेंसी (गोमती नगर विस्तार), पाल डेरी (तिलकनगर, ऐशबाग), अनंत भोग (बिजनौर), श्रीमन ट्रेडर्स (मडियाव), इकोफ्रेश इंटरप्राइजेज (विराजखंड, गोमती नगर), यूनाइटेड इंटरप्राइजेज (विनयखंड, गोमती नगर), गुप्ता जनरल स्टोर (श्रीनगर, मडियाव), संजय किराना स्टोर (कुर्सी रोड), सावरिया फास्ट फूड (अन्ना मार्केट), राजेश सेल्स एजेंसी (मडियाव, जानकीपुरम) और दिल्ली रेस्टोरेंट (आलमबाग मेट्रो स्टेशन) शामिल हैं।
संग्रहित नमूनों में खजूर, पंचमेवा, घी, सिघाड़ा आटा, किशमिश, नमकीन, खोया, पेठा, मूंगफली, सौंफ, सेंधा नमक, कुट्टू आटा, दूध, पनीर, मिल्क केक, मखाना, डार्क चॉकलेट सब्स्टिट्यूट, डेयरी व्हाइटनर, फ्राइड पोटेटो और स्प्रिंग रोल जैसे खाद्य पदार्थ शामिल हैं। ये नमूने विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II, विजय प्रताप सिंह ने बताया कि नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।



