
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: मामला लखनऊ के बिजनौर स्थित अवध रेसिडेंसी कॉलोनी का है जो कि एयरपोर्ट के नजदीक है। एलडीए के बुलडोजर ने कॉलोनी के मुख्य रास्ते को खोद कर उन पर बड़े-बड़े गड्ढे बना दिए हैं। पीड़ितों का कहना है इस मामले की शुरुआत अगस्त 2024 से हुई जब यहां पर lda के जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी तैनात थे हमारी कॉलोनी को अवैध बता कर lda द्वारा सील किया गया और तर्क दिया गया की एयरपोर्ट ने आपकी कॉलोनी पर आपत्ति जताई है लेकिन स्थानीय लोगों ने एयरपोर्ट से भी noc हासिल कर ली और मामला कोर्ट तक गया। आपको बता दें कि इस कॉलोनी में लगभग 40 घर बने हुए हैं जिसमें लगभग 30 घरों में लोग रह रहे हैं और अन्य घरों का भी निर्माण चल रहा है।
पीड़ित स्थानीय लोगों ने मंडलायुक्त जिला अधिकारी LDA वीसी समेत तमाम जगहों पर चक्कर लगाए इसके बाद मामला ठंडा हो गया क्योंकि जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी का ट्रांसफर हो गया था। अब दोबारा देवांश त्रिवेदी फिर इस क्षेत्र के जोनल अधिकारी बन गए हैं तो लोगों को फिर से परेशान किया जा रहा है।
इसके पीछे की बड़ी वजह लोगों ने बताई की इस कॉलोनी का बिल्डर राधेश्याम ओझा और देवांश त्रिवेदी के बीच कुछ सालों पहले आपसी विवाद हो गया था इसके बाद से देवांश त्रिवेदी ने इसी कॉलोनी को टारगेट कर लिया है जबकि आसपास ऊंचे घर और बड़ी कालोनियां विकसित हैं जहां पर कोई कार्यवाही करने नहीं आता। एलडीए के अधिकारी अपनी निजी लड़ाई की खुन्नस लोगों से निकाल रहे हैं।
महिलाओं ने बताया कि एलडीए के अधिकारी यहां पहुंच कर महिलाओं से भी अभद्रता करते हैं उनके हाथ में पत्थर उठाकर दिया और अपने कर्मचारियों से वीडियो बनवा लिया और आरोप लगाया कि हम लोगों ने उन्हें चप्पल और पत्थर लेकर दौड़ा लिया। महिलाओं पर मुकदमा करवा कर जेल भिजवाने की बात भी कही गई।
एलडीए का बुलडोजर जब रोड को खोद रहा था तो उसके नीचे मौजूद बिजली की लाइन टूट गई जिससे आसपास मौजूद पानी में करंट फैल गया जिससे यहां भगदड़ मच गई ऐसे में किसी की जान भी जा सकती थी और हम लोगों ने विरोध शुरू कर दिया।
पीड़ितों ने बताया कि देवांश त्रिवेदी ने उनको चैलेंज किया और कहा कि इस मामले में चाहे सीएम तक या पीएम तक चले जाओ घर को गिरने से नहीं बचा पाओगे।
लोगों ने lda के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि अगर उनकी कॉलोनी अवैध है तो पिछले साल से इस साल के बीच यहां पर अन्य नए घर कैसे बन गए। एलडीए के अधिकारी महीने में कई बार यहां पर आते हैं और अपनी सेटिंग करके चले जाते हैं।
लोगों का कहना है कि रोड पर गड्ढा कर देने के कारण उनका आने-जाने में तो दिक्कत हो ही रही है इसी के साथ यहां पर ना ही स्कूल वैन और ना एंबुलेंस आ सकती है। कॉलोनी के बाहर बच्चों को हाथ में लेकर विरोध कर रही महिलाओं ने सीएम योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है।








