
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति के पांचवें चरण के शुभारंभ पर गर्व और प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष पहले इस अभियान की शुरुआत के समय कई लोग संशय में थे कि यह कैसे संभव होगा। लेकिन नारी सुरक्षा, नारी स्वावलंबन और नारी सम्मान के लक्ष्य के साथ यह अभियान तेजी से आगे बढ़ा।
महिला पुलिस कार्मिकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 तक यूपी पुलिस में महिला कार्मिकों की संख्या मात्र 10 हजार थी, लेकिन 2017 से अब तक की भर्तियों के परिणामस्वरूप यह संख्या बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गई है। इसके अलावा, शिक्षकों और अन्य विभागों में भी भर्ती अभियान चलाए गए। आज उत्तर प्रदेश में 60,200 से अधिक पुलिस आरक्षियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मिशन रोजगार और कन्या सुमंगला योजना
मिशन रोजगार के तहत हर नौजवान को अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25,000 रुपये का पैकेज प्रदान किया जाता है। जन्म पर 5,000 रुपये, पहली कक्षा में 3,000 रुपये, छठी कक्षा में 3,000 रुपये, नौवीं कक्षा में 5,000 रुपये और शादी के लिए 1 लाख रुपये की सहायता बिना किसी भेदभाव के दी जाती है। शर्त यह है कि बेटी के साथ भेदभाव न हो और सभी टीकाकरण पूरे हों।
केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं
केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, फिट इंडिया और उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं से महिलाओं को लाभ मिला है। उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ घरों में बिना भेदभाव के गैस कनेक्शन प्रदान किए गए, जिससे महिलाएं धुएं से मुक्त हुईं। इसके अलावा, 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और 60 लाख गरीबों को आवास उपलब्ध कराया गया। उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ से अधिक भू-अभिलेख वितरित किए गए, जिनमें जमीन का कागज महिलाओं के नाम पर है।
स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण
40,000 से अधिक बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट सखियां हजारों करोड़ रुपये का लेनदेन कर रही हैं। 60,000 से अधिक महिला स्वयंसेवी समूहों की बहनें प्रतिमाह आय अर्जित कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की साफ नीयत के कारण योजनाएं स्वतः रास्ता बना रही हैं।
शिक्षा और सुरक्षा में सुधार
2017 से पहले बेटियां नंगे पैर स्कूल जाती थीं और सर्दियों में स्वेटर नहीं मिलता था। अब सरकार हर बच्चे को बैग, दो यूनिफॉर्म, स्वेटर और 1,200 रुपये अभिभावकों को दे रही है। उच्च शिक्षा में पढ़ने वाली बेटियों को टैबलेट प्रदान किए गए हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार और हॉट मील की व्यवस्था की गई है।
महिला सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार की थीम के साथ विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि महिला सुरक्षा में बाधा डालने वाले अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।




