
- रिपोर्ट: ज्ञानेश वर्मा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। कई सीनियर आईएएस अधिकारियों के विभागों में बदलाव किए गए हैं, जिससे प्रशासनिक ढांचे में नई गतिशीलता आने की उम्मीद है। इस बदलाव के तहत कई महत्वपूर्ण पदों पर नए प्रभार सौंपे गए हैं। प्रमुख बदलाव निम्नलिखित हैं, यहाँ देखें पूरी लिस्ट


मुख्य सचिव के पास से इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कमिश्नर (आईडीसी) का महत्वपूर्ण पद हटा लिया गया है।
अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार को आईडीसी का प्रभार सौंपा गया है। इसके साथ ही उन्हें सीईओ यूपीडा, नागरिक उड्डयन समन्वय विभाग, और परियोजना निदेशक यूपीडॉप का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
पार्थ सारथी सेन को प्रमुख सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा नियुक्त किया गया है।
अमृत अभिजात को प्रमुख सचिव पर्यटन, संस्कृति, और धर्मार्थ कार्य का दायित्व सौंपा गया है।
पी गुरु प्रसाद को प्रमुख सचिव नगर विकास के पद पर भेजा गया है।
संजय प्रसाद से नागरिक उड्डयन विभाग हटा लिया गया है, जबकि उनके अन्य सभी प्रभार यथावत रहेंगे।
अनामिका सिंह को आयुक्त खाद्य एवं रसद, उत्तर प्रदेश बनाया गया है।
भूपेंद्र एस चौधरी को कमिश्नर बरेली नियुक्त किया गया है।
अजय चौहान को उनके वर्तमान पद के साथ-साथ सीईओ उपशा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
आलोक कुमार III को प्रमुख सचिव भाषा, राष्ट्रीय एकीकरण, सामान्य प्रशासन, और हिंदी संस्थान के निदेशक के पद से हटाकर नोडल अधिकारी जीरो पॉवर्टी उत्तर प्रदेश अभियान का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
मनीष चौहान को प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन, भाषा, और राष्ट्रीय एकीकरण सामान्य प्रशासन का प्रभार सौंपा गया है।
रणवीर प्रसाद को उनके वर्तमान पद के साथ प्रमुख सचिव राजस्व विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
अमित कुमार घोष को प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग का प्रभार सौंपा गया है।
मुकेश कुमार मेश्राम को प्रमुख सचिव पशुपालन, दुग्ध विकास, और मत्स्य विभाग, उत्तर प्रदेश का दायित्व दिया गया है।
यह प्रशासनिक फेरबदल उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यकुशलता और नीतिगत योजनाओं को और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



