
- रिपोर्ट: स्निग्धा श्रीवास्तव
लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा और आरएसएस ने अपना पूरा फोकस राज्य पर केंद्रित कर दिया है। इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा जनवरी 2026 में लखनऊ में प्रस्तावित विराट हिंदू सम्मेलन है। अनुमान है कि इस मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हिंदुत्व की प्रमुख छवि के रूप में मजबूत तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। पार्टी और संगठन की ओर से तैयार की जा रही रणनीति में योगी आदित्यनाथ को मुख्य नेतृत्वकारी चेहरे के रूप में आगे लाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इसी क्रम में हाल ही में गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के संभावित मुलाकात की चर्चाएँ भी तेज रहीं। पिछले दिनों यह बैठक कई बार टल गई थी, जबकि आज दोनों नेताओं के बीच मुलाकात होने की संभावना जताई गई।
योगी आदित्यनाथ न केवल अपने कार्यों से, बल्कि अपने व्यक्तित्व और परिधान के कारण भी हिंदुत्व की छवि के केंद्रीय चेहरे के रूप में देखे जाते हैं। इसी पृष्ठभूमि में बीते दिनों भारती भवन (प्रदेश संघ मुख्यालय) से लेकर 5 कालिदास मार्ग (मुख्यमंत्री आवास) तक कई दौर की मैराथन बैठकें हुईं, जिनका प्रमुख विषय “मिशन–2027” रहा।
इन बैठकों में भाजपा और संघ के बीच समन्वय, संगठनात्मक मुद्दों और प्रदेश में विकास के साथ हिंदुत्व के संदेश को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष लखनऊ पहुंचे और उन्होंने संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों—अरुण कुमार, अतुल लिमये, महेंद्र शर्मा, अनिल सिंह, स्वांत रंजन और धर्मपाल सिंह—के साथ करीब डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में विमर्श किया।
इसी बीच राष्ट्रीय नेतृत्व स्तर पर भी बदलाव की तैयारियों को लेकर हलचल बढ़ी है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर भाजपा और संघ के शीर्ष पदाधिकारियों की लगभग पांच घंटे लंबी बैठक हुई, जिसमें पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों—विशेषकर बांग्लादेश और म्यांमार (रोहिंग्या) से आए लोगों—के संबंध में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने 17 नगर निकायों को आदेश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में रह रहे ऐसे सभी व्यक्तियों का विस्तृत सत्यापन कर सूची तैयार करें और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।


