
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ: देश में जीएसटी को लेकर उत्सव मनाए जाने को लेकर लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि देश की जनता पर जबरन थोपे गए बढ़े हुए जीएसटी और महंगाई को लेकर सरकार ने खुलेआम जश्न मनाया था। आज वही सरकार कह रही है कि जीएसटी कम कर दिया गया है और फिर से उत्सव मनाया जाए।
सुनील सिंह ने सरकार से पूछा है,
- “क्या जनता की लूट का उत्सव मनाना ही अब “अमृतकाल” है?”
- “क्या महंगाई की मार झेलते गरीब और मध्यम वर्ग के दर्द को ढकने के लिए ही सरकार ढोल-नगाड़े बजा रही है?”
- “जनता से वसूले गए अतिरिक्त कर और उनकी बरबाद हुई कमाई का हिसाब कौन देगा?”
महंगाई और करों की आग में जलती जनता को राहत देने के बजाय सरकार अपनी असफलताओं को उपलब्धि बताकर उत्सव मना रही है। जनता के धैर्य की भी एक सीमा होती है।
जनता अब झूठे जश्न और फर्जी उत्सवों में नहीं बहलने वाली।महंगाई और जीएसटी के नाम पर जनता को लूटने वाली यह सरकार आने वाले चुनाव में जनता के प्रकोप का सामना करेगी।




