
- रिपोर्ट- प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस। सावन माह में शिवभक्तों की आस्था का विशेष सम्मान करते हुए हाथरस जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले सभी शराब के ठेकों को तिरपाल से ढकवा दिया है। यह निर्णय श्रद्धालुओं की धार्मिक भावना को ठेस न पहुंचे, इस उद्देश्य से लिया गया है।
सावन में लाखों की संख्या में कांवड़िए हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य पवित्र स्थलों से गंगाजल लाकर अपने-अपने शिवालयों में जलाभिषेक करने निकलते हैं। इनका मार्ग कई नगरों और गांवों से होकर गुजरता है, जहां जगह-जगह पर शराब के ठेके दिखाई देते हैं। ऐसे में खुले ठेकों की मौजूदगी से धार्मिक वातावरण में विघ्न उत्पन्न हो सकता था।
इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने पूर्व में ही निर्देश जारी किए थे कि यात्रा मार्ग पर कोई भी अशोभनीय दृश्य या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कोई दृश्य न दिखे। प्रशासन ने न सिर्फ ठेकों को ढकवाया बल्कि यह सुनिश्चित किया कि कोई भी अव्यवस्था यात्रा मार्ग पर न फैले।
प्रशासन का बयान:
“कांवड़ यात्रा एक पवित्र और भावनात्मक यात्रा है। हमारा प्रयास है कि हर श्रद्धालु को शांति और भक्ति के वातावरण में अपनी यात्रा पूरी करने का अवसर मिले,” – जिला प्रशासन।
साथ ही जिला प्रशासन ने सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल और रात्रि विश्राम की सुविधाओं को लेकर भी पूरी तैयारी की है। जगह-जगह शिविर और सहायता केंद्र बनाए गए हैं ताकि शिवभक्तों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
कांवड़ियों और आम जनता ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे न सिर्फ धार्मिक मर्यादा की रक्षा हुई है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी गया है।





