
दरभंगा: बिहार में लागू शराबबंदी कानून एक बार फिर विवादों में है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुशेश्वरस्थान पूर्वी के जदयू प्रखंड अध्यक्ष राजेश कुमार राय कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं और उनकी कुर्सी के नीचे शराब की बोतलें और पानी की बोतल रखी हुई दिखाई दे रही हैं।
हालांकि इस वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि ‘फर्स्ट बिहार’ नहीं करता, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। लोगों का कहना है कि जब सत्ताधारी दल के प्रतिनिधि ही शराबबंदी कानून का मजाक उड़ा रहे हैं, तो आम जनता से कानून पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
इस मामले पर वीआईपी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और शहरी विधानसभा प्रत्याशी उमेश सहनी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा,
“सरकार की कुर्सी के पीछे बैठकर जो कॉरपोरेट सरकार चला रहे हैं, वही लोग पूरे बिहार में शराब की खेप पहुंचाकर मालामाल हो रहे हैं। इसी वजह से आज पूरे राज्य में आसानी से शराब मिल रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि बिहार में शराबबंदी सिर्फ महिलाओं को बहकाने और वोट पाने का राजनीतिक हथकंडा है। उमेश सहनी ने स्पष्ट कहा कि,
“मैं पीने वाले को दोषी नहीं मानता, असली दोषी सरकार है। जदयू के कार्यकर्ता भी नहीं, बल्कि खुद नीतीश कुमार जिम्मेदार हैं।”
वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने शराबबंदी की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले पर जदयू या प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।





