- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। ग्राम सभा सोनबरसा में चल रहे तीन दिवसीय अति प्राचीन केदारेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार के दूसरे दिन मंडप देवता हवन व अधिवास पूजन एवं वैदिक मंत्रोचार के साथ आचार्य संतोष मिश्र के नेतृत्व में मूर्ति पूजन किया गया इसके पश्चात शिव कथा में अयोध्या से पधारे श्री श्री 1008 परम पूज्य सिद्ध बाबा नरसिंह दास जी महाराज ने कहा जो मनुष्य गुरु दीक्षा ग्रहण नहीं करता ,उसका जीवन अधूरा रह जाता है ।और शास्त्रों के अनुसार ऐसा जीव पशु योनि की ओर अग्रसर होता है ।
मनुष्य जन्म केवल भोग के लिए नहीं बल्कि भक्ति साधना और मोक्ष की प्राप्ति हेतु है ।और यदि इस जीवन में भक्ति नहीं की गई तो यह जन्म निरर्थक चला जाता है। महामंडलेश्वर ने कहा कि आज भी यदि मनुष्य सदाचार संयम भक्ति और गुरु मार्गदर्शन के साथ वैदिक जीवन पद्धति को अपना ले तो वह परम सुख शांति और संतोष को प्राप्त कर सकता है ।वैदिक संस्कृति ही मानव जीवन को सही दिशा देने वाली अमूल्य धरोहर है ।
कथा के दौरान श्रद्धालु सती शिव गणों ,भूत ,प्रेतों, देवताओं और अद्भुत पात्रो से संजी बारात का वर्णन सुनकर श्रद्धालु मंत्र मुग्ध हो उठे। इसी क्रम में अयोध्या से ही पधारे विश्व विराट विजय राघव मंदिर के पूज्य महंत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी महावीर दास जी ने कहां की जो भक्त श्रद्धा विश्वास और संयम के साथ शिव की उपासना करता है ।उसके जीवन से समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं , उन्होंने मार्कण्डेय महादेव का विशेष महत्व बताया।इस अवसर पर जजमान के रूप में अवधेश शुक्ला ,बच्चन शुक्ला ,मोनू शुक्ला ,पवन कुमार चौबे ,महादेव शुक्ल, प्रवीण पाठक ,विवेक शुक्ला ,घनश्याम मिश्रा सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे ।



