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यूपी के बलरामपुर ज‍िले के 64 गांवों में जमीन की खरीद और बिक्री पर रोक, क्‍यों लगाए जा रहे पत्‍थर जानें पूरा मामला?

  • रिपोर्ट: सुरेश त्रिपाठी

बलरामपुर: शामली-गोरखपुर हाईस्पीड कॉर‍िडोर (एक्सप्रेस-वे) परियोजना के तहत बलरामपुर जिले के 64 गांव में जमीन खरीद और बिक्री पर रोक लगा दी गई है। आपको बताते चलें की भूमि अधिग्रहण के बाद ही किसानों को जमीन बिक्री और खरीद की अनुमति मिलेगी। जिले की दो तहसीलों बलरामपुर और उतरौला के 64 गांवों से होकर यह एक्सप्रेस-वे निकलेगी।

जिन गांवों से एक्सप्रेस-वे निकलना प्रस्तावित है, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने उन ग्रामों के मानचित्र की छायाप्रति ली है। यह जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत की जा रही है। 700 किमी लंबे 6-लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पूर्वी यूपी (गोरखपुर) को पश्चिमी यूपी (शामली) से जोड़ेगा। अधिग्रहण के लिए नामित संस्था ने गांवों में भूमि का चिह्नांकन शुरू कर दिया है। इसके बाद किस किसान की कितनी जमीन एक्सप्रेस-वे के लिए ली जाएगी। इसका पूरा विवरण तैयार होगा।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बलरामपुर तहसील के 14 गांवों बलरामपुर देहात, सोनार, फत्तेजोत, भगवतपुर, बघनी, देवरावां, बांसेडीला, मधवाजोत, परसियाफाफी, कांदभारी, कटरा शंकरनगर, भीखपुर, राजघाट, तेंदुआ शामिल हैं। उतरौला तहसील के 50 गांवों में खरदेवरी, गुलवरयिा माफी, सहदेइया, बायभीट, विशंभरपुर, चिताही, पिपरी कोल्हुई, चंदापुर, पचौथा, मस्तीजोत, नंदमहरा, पनवापुर, बभनपुरवा, अमारेभरिया, रसूलपुर चांद, बरायल, कोहिनिया, उपरौहुला, तेतारपुर, तिलहर, सकारा पाठक, बगहिया, फगुइया, बभनीबजुर्ग, तिलखी बढ़या, परसौना एहतमाली, परसौना मुस्तहकम, खम्हरिया, खम्हरिया अलादाद, लारम, टेढ़वा चुहचुहिया, मझारी दूल्हा, लखमा, महियाघाटम, खजुहा, टिकुइया, जनुकी, उतरौला ग्रामीण, मोहनजोत, नगरिया, देवरिया अर्जुन, बड़री, महुआधनी, पूरे पांडेयजोत, बारम, बिरदा बनियाभारी, केवटली गांवों में जमीनों के क्रय विक्रय पर रोक लगी है। अपर जिलाधिकारी ने एसडीएम व सहायक निबंधक को इस आशय का पत्र भेजा है।

Land transactions have been banned in 64 villages of Balrampur district in Uttar Pradesh. Why are stones being placed there?  Learn the full story.

अधिग्रहण के लिए लगाने लगे पत्थर
शामली से गोरखपुर एक्सप्रेस-वे के तहत ग्रीन फील्ड निर्माण के लिए डीपीआर की कार्रवाई के लिए दिल्ली की संस्था इंटरकांटिनेंटल कंसल्टेंट्स टेक्नोक्रेट्स लि. नामित की गई है। भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक कार्रवाई के लिए संबंधित संस्था ने राजस्व से मानचित्र लेने के बाद जमीन की नापी शुरू कर दी है। एक्सप्रेस-वे के नक्शा के हिसाब से जमीन चिह्नित कर पत्थर लगाया जा रहा है। जिस पर गाटा संख्या आदि अंकित किया जाता है। पचौथा गांव के दुर्गा प्रसाद ने बताया कि दो दिन पहले कुछ लोग आए थे। खेत की नापी करके पत्थर लगाया है। साजेश विश्वकर्मा ने बताया कि बायभीट गांव में भी पत्थर लगाकर नंबर लिखा है। कर्मियों ने बताया कि एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन ली जाएगी।

इन जिलों से निकलेगी एक्सप्रेसवे
गोरखपुर से शुरू होकर यह संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, बदायूं, रामपुर, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जैसे जिलों से होकर गुजरेगी।.दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे और अंबाला-शामली इकोनामिक कारिडोर से जुड़ेगा।

शीघ्र पूरी होनी है अधिग्रहण की प्रक्रिया
परियोजना निदेशक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अयोध्या का पत्र मिला है। गांवों में जमीनों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई। दो माह के भीतर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जानी है। – ज्याेति राय, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने जानकारी देते हुए बताया।

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