
- रिपोर्ट- प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस।
जनपद के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र स्थित गांव जिमिसपुर शनिवार सुबह गोलियों की आवाज़ से दहल उठा। ज़मीनी विवाद को लेकर शुरू हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि एक पक्ष द्वारा ज़मीन की मेड तोड़े जाने के विरोध में कार सवार दबंगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
ग्रामीणों ने जान पर खेलकर मोर्चा संभाला और ईंट-पत्थर उठाकर हमलावरों का डटकर मुकाबला किया। दबंगों को गांव से खदेड़ दिया गया, यह पूरी घटना ग्रामीणों ने वीडियो में भी कैद कर ली है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
पुलिस पर भी गंभीर आरोप – पीड़ितों से ही की मारपीट?
घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने पीड़ितों से ही अभद्रता और मारपीट की। इससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
डरे-सहमे ग्रामीण, गांव में पसरा सन्नाटा
घटना के बाद से पूरा गांव दहशत के साए में है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या दबंगों को मिला है सत्ता-प्रशासन का संरक्षण?
और सबसे बड़ा सवाल — अब कार्रवाई किस पर होगी?
गोली चलाने वाले दबंगों पर
या विरोध करने वाले ग्रामीणों पर?
प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में!
ग्रामीणों की सुरक्षा, न्याय और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग के बीच अब देखना होगा कि प्रशासन किसके पक्ष में खड़ा होता है — दबंगई के या जनसामान्य के?





