
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखीमपुर खीरी (ओयल): मेढ़क मंदिर के पास एक महिला से मंगलसूत्र लूट की घटना सामने आई है। इस अपराध को उजागर करने वाले पत्रकार पर ही कार्रवाई हो गई — चौकी इंचार्ज पटेल राठी ने न सिर्फ पत्रकार का मोबाइल जब्त कर लिया, बल्कि पूरे मामले को दबाने की कोशिश भी की।
सवाल ये है: क्या अब सच दिखाना जुर्म है?
क्या किसी भी कानून में यह लिखा है कि पत्रकार अपनी जिम्मेदारी निभाए तो उसका उत्पीड़न किया जाएगा?
पटेल राठी की ये हरकत न सिर्फ सत्ता का दुरुपयोग है, बल्कि लोकतंत्र और स्वतंत्र मीडिया पर सीधा हमला है। यह घटना बताती है कि कुछ वर्दीधारी अपनी ताकत को लोगों की सुरक्षा के बजाय, उन्हें डराने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

🛑 हमारी मांग है:
- ऐसे चौकी इंचार्ज को तत्काल सस्पेंड किया जाए।
- पीड़ित पत्रकार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए।
लोकतंत्र में सवाल पूछना गुनाह नहीं है — ये उसका आधार है।





