
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को स्पष्ट संकेत दिए कि राज्य में कोटेदारी व्यवस्था जल्द ही समाप्त की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खातों में सब्सिडी भेजी जाएगी, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
सीएम योगी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर, लखनऊ में आयोजित पोषण अभियान और सुपोषण स्वास्थ्य मेला के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे।
🗣️ “कोटेदार कोई दूसरा व्यवसाय कर लें” — सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटेदारों को जल्द ही कहा जाएगा कि वे कोई दूसरा व्यवसाय अपनाएं, क्योंकि सरकार की मंशा पारदर्शिता और डिजिटल ट्रांसफर के माध्यम से योजनाओं को सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने की है।
📉 राशन वितरण में पारदर्शिता से भारी बचत
- सीएम ने बताया कि सत्ता में आते ही 30 लाख फर्जी राशन कार्ड रद्द किए गए।
- केवल 13 हजार कोटेदारों के यहां इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ePOS) मशीनें लगाकर हर साल 350 करोड़ रुपये की बचत की जा रही है।
- यदि सभी 80 हजार कोटेदारों के यहां यह तकनीक लागू कर दी जाए, तो सरकार को प्रति वर्ष कम से कम 2000 करोड़ रुपये की बचत होगी।
🧒 पोषण मिशन में भी डीबीटी की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पोषण मिशन के तहत दी जाने वाली सहायता भी अब डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे भेजी जाएगी। इससे योजनाओं में पारदर्शिता और दक्षता आएगी।
🔍 भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
सीएम योगी ने सरकारी योजनाओं में बिचौलियों और भ्रष्टाचार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा:
“अगर योजनाएं ईमानदारी से नीचे तक पहुंचा दी जाएं, तो भूख, बीमारी और कुपोषण से कोई नहीं मरेगा।”
📌 निष्कर्ष:
उत्तर प्रदेश सरकार अब राशन वितरण और पोषण योजनाओं में पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। कोटेदारी व्यवस्था को खत्म कर डीबीटी आधारित सिस्टम लागू करने की दिशा में यह कदम राज्य की सामाजिक-आर्थिक संरचना में बड़ा बदलाव ला सकता है।





