
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के न्यूरोसर्जरी विभाग की टीम ने एक बार फिर अपनी दक्षता और समर्पण से असंभव को संभव कर दिखाया है। गोमतीनगर निवासी मासूम कार्तिक के सिर में लोहे की छड़ आर-पार घुस जाने के बाद जब परिवार ने सारी उम्मीदें छोड़ दी थीं, तब केजीएमयू की विशेषज्ञ टीम ने उसे जीवनदान दिया।
घटना के बाद कार्तिक को गंभीर अवस्था में केजीएमयू लाया गया, जहां न्यूरोसर्जरी विभाग की टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए जीवन रक्षक ऑपरेशन की तैयारी शुरू की। इस कठिन घड़ी में ऑपरेशन की पूरी ज़िम्मेदारी डॉ. केके सिंह ने संभाली।

सर्जरी टीम में डॉ. अंकुर बजाज, डॉ. सौरभ रैना, डॉ. जैसन गोलमी और डॉ. अंकिन बसु ने अहम भूमिका निभाई। कई घंटों तक चले इस जटिल ऑपरेशन में टीम ने न सिर्फ लोहे की छड़ को सुरक्षित तरीके से निकाला, बल्कि बच्चे की जान भी बचा ली।
केजीएमयू ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि क्यों उसे उत्तर भारत का सबसे बड़ा और भरोसेमंद मेडिकल सेंटर माना जाता है।





