
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
कानपुर, 21 नवंबर: कानपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसमें रेप के आरोपी उत्तर प्रदेश पुलिस के सिपाही सचिन यादव पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़िता, जो खुद एक लॉ स्टूडेंट है, ने आरोप लगाया है कि सिपाही के खिलाफ कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही और खुलेआम संरक्षण दे रही है।
लिव-इन से धोखा, फिर रेप की FIR
पीड़िता का दावा है कि फेसबुक पर दोस्ती के बाद सिपाही सचिन यादव ने उसे शादी का झांसा देकर लिव-इन रिलेशनशिप में रखा। बाद में शादी से इनकार करने और संबंध तोड़ने पर पीड़िता ने सचिन के खिलाफ रेप, धोखाधड़ी और धमकी देने की FIR दर्ज कराई थी।
सिपाही की शादी में पहुंची पीड़िता, मचा हंगामा
हाल ही में जब आरोपी सिपाही की शादी हो रही थी, तब पीड़िता खुद बारात में पहुंच गई और हंगामा कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पीड़िता का कहना है कि उसने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी।
“थाने में खुलेआम घूम रहा है सिपाही”
लॉ स्टूडेंट पीड़िता ने विस्फोटक आरोप लगाते हुए कहा, “सचिन यादव अपने ही थाने में खुलेआम घूम रहा है। मैंने कई बार पुलिस वालों को उसकी मौजूदगी की जानकारी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है, फिर भी उसे गिरफ्तार नहीं किया जा रहा। पुलिस मुझे बार-बार हाईकोर्ट जाने को कह रही है।”
यूपी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
इस पूरे मामले ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता और सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि क्या वर्दी वाले अपराधियों को कानून का डर नहीं होता? क्या अपने ही साथी को बचाने के लिए पुलिस जानबूझकर कार्रवाई टाल रही है?
पीड़िता ने उच्च अधिकारियों और महिला आयोग से गुहार लगाते हुए कहा, “मुझे न्याय चाहिए। आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, वरना मैं आत्मदाह कर लूंगी।”
मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और कानपुर पुलिस पर कार्रवाई करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।


