
- रिपोर्टर: चंदन दुबे
यूपी में साहूकारी लाइसेंस रद्द, फिर भी चल रहा ब्याज पर जमकर पैसा, वकील साहब ने व्हाट्सएप पर दी धमकी योगी मोदी अमित शाह सयुक्त सचिव को बताया अपना करीबी
मिर्जापुर: कहते है कि गुंडई का भी अपना रुतबा होता है पर जब कानून सबकी जेब में सोता है तो संवैधानिक के नियम बराबर नील बाटा शून्य! — यह कहावत कहना मिर्जापुर में सच साबित हो रहा है, बताते चलें कि जिले में शुद्ध ब्याज खोरी पर पैसा चलाया जा रहा है। जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाने वाले संयुक्त सचिव अजय कुमार ओझा को अपना भाई बता कर खुलेआम दुकान में घुसकर *रिवाल्वर की नोंक पर धमकी देने, रंगदारी मांगने और वाहन लूट का आरोप जिले के एक वकील साहब के आधुनिकता की गुंडई वाली व्हाट्सएप धमकी के प्रमाण पत्र साक्ष्य के साथ पीड़ित परिवार ने लिखित मौखिक शिकायत जिले के उच्च अधिकारियों को दिया जहां संविधान के झूठे कोरम भी पूरे ना हुए। और पीड़ित परिवार डर के साए में जीने को मजबूर है।
बताते चले पूरी घटना की गुंडागर्दी का CCTV कैमरे में कैद हो चुकी है, और इसके बावजूद भी पुलिसिया रवैया उदासीनता की मिसाल पेश कर रहा है। पीड़ित की शिकायत पर अभी तक FIR तक दर्ज नहीं की गई है, जबकि धमकी देने और घटना को अंजाम देने वाले शख्स की पहचान भी स्पष्ट रूप से हो चुकी है।
व्हाट्सएप पर भेजी जा रही धमकियाँ, RSS, भाजपा कनेक्शन के कारण जिले की पुलिस गुंडागर्दी की लाइसेंस के आगे बौनी दिख रही है-
पीड़ित के अनुसार बताया जा रहा है कि उन्हें लगातार 9682093751नंबर के व्हाट्सएप के ज़रिए धमकियाँ मिल रही हैं कि यदि वह मीडिया या पुलिस के पास गया, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। आरोप है कि आरोपी के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) व बीजेपी से गहरे संबंध हैं और इसी का फायदा उठाकर वह कानून को ठेंगा दिखा रहे है। जहां भाजपा सरकार में प्रशासन सारे एविडेंस देखने के बाद भी बौनी बनी दिख रही है।

टाटा मैजिक गाड़ी पर हाथ साफ़, पुलिस ने की बरामदगी—फिर भी खामोश है कार्रवाई
आरोप है कि रंगदारी न मिलने पर आरोपियों ने पीड़ित की टाटा मैजिक गाड़ी यूपी 63 B 4501 को जबरन उठा ले गए। मामला जब तूल पकड़ने लगा तो पुलिस ने वाहन को तो बरामद कर थाने में खड़ी कर दिया , लेकिन न तो अब तक कोई गिरफ्तारी हुई और न ही प्राथमिकी दर्ज की गई।
शहर कोतवाली की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, ‘कौन बचा रहा है सत्ता के साए में पलते दबंगों को
बताया जा रहा है कि मामले की जानकारी शहर कोतवाली से लेकर डीआईजी मिर्जापुर तक दर्ज है, परंतु अब तक न तो FIR दर्ज हुई है और न ही पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। जहां सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या सत्ता के रसूखदार परिवारों से जुड़े लोगों पर पुलिस का शिकंजा ढीला है? या फिर “जहाँ पावर है, वहाँ न्याय का मुंह सिल जाता है।
न्याय की तलाश में दर-दर भटकता पीड़ित परिवार, मीडिया में मामला आने के बाद भी चुप है शासन-प्रशासन
पीड़ित लगातार अधिकारियों, पुलिस व पत्रकारों से मदद की गुहार लगा रहा है लेकिन अब तक ना इंसाफ़ मिला, ना संरक्षण। वीडियो, ऑडियो, CCTV सब आधुनिक प्रमाण होने के बावजूद कार्रवाई का टांय-टांय फिस्स हो जाना, यह दर्शाता है कि शासन की आंखें तब तक नहीं खुलती जब तक तूफान घर में ना घुसे।
क्या मुख्यमंत्री के सचिव का नाम लेकर कोई भी डरा सकता है, आम नागरिक की पुकार फिर कौन सुनेगा
मिर्जापुर में यदि मुख्यमंत्री के करीबी अफसर के परिवार से जुड़े व्यक्ति पर ऐसे गम्भीर आरोप हों और भीड़ के बीच कानून की धज्जियां उड़ाई जाएं,तो यह न केवल लोकतंत्र के मुँह पर तमाचा है, बल्कि योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर भी सवालिया निशान है। बताते चलें कि पीड़ित परिवार से मनय गुप्ता पुत्र अजय गुप्ता ने निवासी देवर्षि कॉलोनी सिविल लाइंस रोड थाना कोतवाली कटरा जिला मिर्जापुर के निवासी हैं जो बताते हैं कि उनके पिताजी ने पैसा लिया था उधर जिसका ब्याज उन्होंने मूलधन से ज्यादा चुका दिया है जहां विपक्षी गण आशुतोष पांडे और संजय ओझा के द्वारा 5 6 व्यक्तियों के द्वारा अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर के साथ हमारी दुकान पर चढ़कर भी आए और धमकाया और वही अज्ञात व्यक्तियों से मिलकर मिर्जापुर शहर कोतवाली के रमईपट्टी चौराहे पर चश्मा पॉइंट की गली अईवा हॉस्पिटल के सामने गाड़ी लूट लिया और लूट कर फरार हो गए जहां पुलिस ने गाड़ी को शिकायत पर बरामद किया और बिना मुकदमा लिखे आरोपियों को खुलेआम छोड़ दिया गया।
कोतवाली में नहीं उठा फोन,सीओ ने कहा बड़ी बात
इस संबंध में जब प्रशासनिक जवाब देही पर जानकारी लेनी हुई खबर लिखने तक तो शहर कोतवाल से मौके पर बात नहीं हो सकी वही इस सम्बन्ध में सीओ सिटी विवेक जावला से जब पूछा गया तो इस प्रकरण में जानकारी ना होने की बात बताते हुए उन्होंने बताया कि पीड़ित को हमारे कार्यालय भेज दीजिए जो भी शिकायत है वह निस्तारण किया जाएगा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।





