
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। स्टेशनों पर यातायात को सुचारू बनाने के लिए क्षमता वृद्धि के लाभों को तत्काल प्राप्त करने हेतु अल्पकालिक और मध्यम अवधि के उपायों की आवश्यकता है। यात्रियों की मांग में लगातार हो रही तीव्र वृद्धि को देखते हुए, अगले 5 वर्षों में प्रमुख शहरों से नई ट्रेनों के संचालन की क्षमता को वर्तमान स्तर से दोगुना करने की आवश्यकता है। मौजूदा बुनियादी ढांचे को आगामी वर्षों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विस्तारित करना होगा।
वर्ष 2030 तक संचालन क्षमता को दोगुना करने के लिए जिन 48 शहरों की सूची भारतीय रेल द्वारा जारी की गई हैं उसमें वाराणसी शहर का भी उल्लेख है।वाराणसी शहर में पूर्वोत्तर रेलवे के 02 प्रमुख स्टेशन बनारस एवं वाराणसी सिटी यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण यात्री सुविधाओं उपलब्ध करा रहा है।पूर्वोत्तर रेलवे रेलवे के बनारस स्टेशन पर क्षमता विस्तार के क्षेत्र में हाल ही अनेक महत्वपूर्ण कार्य कराए गए हैं। वर्तमान में बनारस स्टेशन पर 08 प्लेटफार्म, 04 वॉशिंग पिट, 04 स्टेबलिंग लाइन सहित कुल 10 रनिंग लाइनों के द्वारा कुल 104 सवारी गाड़ियों 14 माल गाड़ियों का संचालन प्रतिदिन हो रहा है।
बनारस स्टेशन पर प्रतिदिन 52 गाड़ियां ओरिजिनेट/टर्मिनेट होती है।बनारस रेलवे स्टेशन पर छमता विस्तार के लिए 01 स्टेबलिंग लाइन का कार्य स्वीकृत है जिसके पूरा हो जाने पर यहाँ से और अधिक गाड़ियों का संचालन हो सकेगा। इसके साथ ही बनारस रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के कराए गए विभिन्न कार्यों के परिणामस्वरूप यात्री प्रबंधन क्षमता में बढ़ोतरी हुई है।
इसी प्रकार पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी सिटी स्टेशन पर भी क्षमता विस्तार के लिये कई महत्वपूर्ण कार्य कराए गए हैं। वर्तमान में वाराणसी सिटी स्टेशन पर 05 प्लेटफार्म, 01 वाशिंग पिट, 01 स्टेबलिंग लाइन सहित कुल 09 रनिंग लाइन है। जिनका उपयोग करते हुए वाराणसी सिटी स्टेशन से कुल 108 सवारी गाड़ियों के साथ साथ 14 माल गाड़ियों का संचलन प्रतिदिन हो रहा है। वाराणसी सिटी स्टेशन पर प्रतिदिन 28 गाड़ियां ओरिजिनेट/टर्मिनेट होती है।
वाराणसी सिटी स्टेशन पर क्षमता विस्तार के लिए 02 रनिंग लाइन, 01 आइलैंड प्लेटफॉर्म 02 स्टेबलिंग लाइन सहित 01 डॉक लाइन का कार्ये स्वीकृत है। क्षमता विस्तार के क्षेत्र में स्वीकृत इन कार्यों के पूर्ण हो जाने पर यहाँ से और अधिक गाड़ियों का संचालन संभव होगा। इसके साथ ही वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के कराए गए विभिन्न कार्यों के परिणामस्वरूप यात्री प्रबंधन क्षमता में बढ़ोतरी हुई है।
वाराणसी शहर से कनेक्ट हो रहे बनारस- प्रयागराज, वाराणसी सिटी-मऊ,वाराणसी सिटी-औड़िहार-जौनपुर, वाराणसी सिटी-औड़िहार-मऊ-आज़मगढ़-शाहगंज, वाराणसी सिटी-औड़िहार-मऊ-इंदारा-फेफना, वाराणसी सिटी- गाज़ीपुर-बलिया-बकुलहा रेल खंडों का दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो गया है जिसके फलस्वरूप क्षमता विस्तार में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इसके साथ ही बकुलहा-मांझी एवं बेल्थरा रोड -पिविकोल खण्ड के दोहरीकरण का कार्य अंतिम चरण में है जिसके पूरा हो जाने बाद क्षमता विस्तार में और बढ़ोतरी हो जायेगी।जैसा की भारतीय रेलवे द्वारा वाराणसी शहर में रेलवे की छमता को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है उस लक्ष्य को पूरा करने में वाराणसी सिटी एवं बनारस स्टेशनों पर उपलब्ध कराए गए और किये जा रहे क्षमता विस्तार के कार्यों का महत्वपूर्ण योगदान होगा।





