
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या। आपदा की घड़ी में एक-एक सेकेंड कितना कीमती होता है, इसी को ध्यान में रखते हुए अयोध्या में भारतीय सेवा के जवानों द्वारा
एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य था—
किसी भी आपात स्थिति में त्वरित, संगठित और प्रभावी चिकित्सा व्यवस्था कैसे सुनिश्चित की जाए। इसका वास्तविक अभ्यास
ड्रिल के दौरान इंडियन आर्मी के जवानों ने पहले जिला चिकित्सालय में एक स्मार्ट ड्रिल का पूरा दृश्य प्रस्तुत किया। यह दिखाया गया कि
आपदा या बड़े हादसे की स्थिति में घायल व्यक्ति को कैसे सुरक्षित तरीके से अस्पताल लाया जाएगा। कैसे रैपिड ट्रायेज किया जाएगा,
और किस तरह कुछ ही मिनटों में जीवन रक्षक उपचार शुरू किया जाएगा।
मॉक ड्रिल में यह भी प्रदर्शित किया गया कि—
- डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के बीच समन्वय
- एंबुलेंस और मेडिकल टीम की तैनाती
- प्राथमिक उपचार से लेकर
इमरजेंसी सर्जरी तक की तैयारी कितनी अहम होती है। भारतीय सेना के जवानों ने डमी मरीजों के माध्यम से घायलों को उठाने, स्ट्रेचर से ले जाने, और इमरजेंसी वार्ड तक पहुँचाने की पूरी प्रक्रिया को लाइव दिखाया।
इस अभ्यास का मकसद डर पैदा करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि यदि कभी वास्तविक आपदा आती है, तो प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हों। इस मॉक ड्रिल ने न सिर्फ अस्पताल की तैयारियों को परखा, बल्कि यह संदेश भी दिया कि—
- समय पर सही इलाज
- कई ज़िंदगियाँ बचा सकता है।
- अयोध्या में आयोजित यह मॉक ड्रिल
- आपदा प्रबंधन की दिशा में
- एक अहम और सराहनीय कदम माना जा रहा है।





