- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी (जक्खिनी)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वैज्ञानिकों से किसानों के साथ समन्वय बढ़ाते हुए सब्जी उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्यात गुणवत्ता वाली सब्जियों के विकास, प्रसंस्करण और कच्चे उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने को प्राथमिक लक्ष्य बनाने पर जोर दिया। मंत्री ने भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान परिसर में रक्त-चंदन का पौधरोपण कर समीक्षा बैठक की शुरुआत की।
प्रक्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्होंने किसानों से बीजों की उपलब्धता, गुणवत्ता, उत्पादन लागत कम करने के उपाय और नई तकनीकों के प्रभाव पर चर्चा की।बैठक में ग्राफ्टेड बैंगन-टमाटर (ब्रिमेटो) और आलू-टमाटर (पोमेटो) तकनीक पर डॉ अनंत बहादुर ने विस्तार से जानकारी दी। मंत्री ने इन तकनीकों को शीघ्र किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई और हाई-टेक नर्सरी को उपयोगी बताते हुए एफपीओ के माध्यम से बीज उत्पादन बढ़ाने पर बल दिया।
संस्थान के निदेशक डॉ राजेश कुमार ने संस्थान की उपलब्धियों और किसानों को दी जा रही तकनीकी सहायता की रिपोर्ट प्रस्तुत की। वहीं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहायक महानिदेशक डॉ सुधाकर पांडेय ने संस्थागत गतिविधियों की जानकारी दी। बैठक में मऊ स्थित आईसीएआर संस्थानों के निदेशक डॉ आलोक श्रीवास्तव और डॉ आनंदन सहित प्रदेश सरकार के अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ नीरज सिंह ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ ए एन सिंह ने दिया।मंत्री ने वैज्ञानिक तकनीकों के खेत स्तर तक तेज़ प्रसार, गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्धता और स्टार्ट-अप व एफपीओ के साथ साझेदारी बढ़ाने के निर्देश भी दिए।




