
– उसी हॉस्टल पहुँचीं, जहाँ से उनके जीवन में देशसेवा का संकल्प जन्मा था
- रिपोर्ट: ज्ञानेश वर्मा / यूपी हेड
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के संगम नगरी के डायमंड जुबली छात्रावास, प्रयागराज विश्वविद्यालय, प्रयागराज की ऐतिहासिक धरा उस समय गर्व और भावनाओं से जगमगा उठी, जब आईएएस किंजल सिंह परिवहन आयुक्त, अपने दिवंगत पिताजी के उसी हॉस्टल पहुँचीं, जहाँ से उनके जीवन में देशसेवा का संकल्प जन्मा था। अपने पिता के कमरे को देखकर उन्होंने भावुक होकर कहा कि वे आज यहाँ एक अधिकारी नहीं, बल्कि एक गर्वित बेटी के रूप में आई हैं। घर में सिविल सेवा की नींव उनके पिताजी ने रखी थी। उसी प्रेरणा से आज सरल स्वभाव की धनी किंजल सिंह आईएएस के रूप में उत्तर प्रदेश की परिवहन व्यवस्था का नेतृत्व कर रही हैं।
आपको बताते चलें कि उनकी छोटी बहन प्रांजल सिंह आईआरएस आयकर आयुक्त के रूप में राष्ट्र की आर्थिक व्यवस्था में अपना योगदान दे रही हैं। यह केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि विरासत की चमक है।

उन्होंने प्रोफेसरों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। परिवहन आयुक्त आईएएस किंजल सिंह ने अपने पिताजी की स्मृति में एक पौधा रोपित किया और “विकसित भारत–2047” के संकल्प को दोहराया। उन्होंने अपने संबोधन में कहां कि आज जब जनरेशन गैप की बात होती है तो ऐसे समय में अपने पिता की स्मृतियों को जीवंत करना यह संदेश देता है कि ग्लैमर और ग्राउंडेड वैल्यूज़ साथ-साथ चल सकते हैं। जिम्मेदारी के साथ रिश्तों को निभाना ही असली सफलता है। उनका संदेश युवा साथियों के लिए साफ था। कि “बड़े सपने देखें, जमीन पर टिके रहें।”
“Dream Big, Stay Grounded.”





