
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। राजभाषा के उत्कृष्ट प्रयोग प्रसार में कर्मचारियों को कुशल बनाने के उद्देश्य से उत्तर मध्य रेलवे प्रधान कार्यालय में हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कर्मचारियों को सरकार की राजभाषा नीति, राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) के प्रारूप, संसदीय राजभाषा समिति की निरीक्षण प्रश्नावली तथा आवधिक राजभाषा प्रगति रिपोर्ट को भरते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे विस्तृत जानकारी दी गई तथा राजभाषा हिंदी से जुड़े विभिन्न तकनीकी टूल्स एवं एप और उनके प्रयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी, श्री जे.सी.एस. बोरा द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जे.सी.एस. बोरा ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में हिंदी कार्यशाला का इन अर्थों में विशिष्ट महत्व है कि इसके माध्यम से न केवल राजभाषा नीति और निर्देशों की आवश्यक जानकारी दी जाती है, बल्कि इनके अनुपालन के संबंध में भी समुचित मार्गदर्शन एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होता है।
केंद्र सरकार के कार्यालयों में अपना सभी कार्य हिंदी में निष्पादित करना संवैधानिक एवं कानूनी दायित्व है। हमारा कार्यालय ‘क’ क्षेत्र में है तथा यहाँ सभी कर्मचारी हिंदी में प्रवीणता या कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त हैं। अत: हिंदी में कामकाज और इसके लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में हमें सदैव सचेष्ट रहना है। जे.सी.एस. बोरा ने कहा कि संसदीय राजभाषा समिति की प्रश्नावली तथा गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग और रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित विभिन्न प्रकार की प्रगति रिपोर्ट के प्रारूपों में अपने विभागों और कार्यालयों में राजभाषा की प्रगति के जो आंकड़ें दर्शाए जाते हैं, वे नियमों एवं निर्देशों के अनुपालन की स्थिति को प्रदर्शित करते हैं, इसलिए उन्हें सही- सही एवं तर्कसंगत ढंग से भरा जाना चाहिए।
मुख्य राजभाषा अधिकारी बोरा ने उपस्थित कर्मचारियों को हिदायत दी कि वे राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) के कागजात, विभिन्न प्रकार के पत्राचार, नोटिंग आदि में नियमों के अनुसार हिंदी या हिंदी-अंग्रेजी द्विभाषी रूप का प्रयोग करें। इस दृष्टि से कंप्यूटर पर हिंदी में कामकाज के लिए हिंदी टाइपिंग और टूल्स की समुचित जानकारी होनी चाहिए।कंप्यूटरों पर विभिन्न सुविधाजनक हिंदी फांट तथा की बोर्ड पद्धति उपलब्ध हैं। लेकिन कंप्यूटरों पर कार्य करते समय यूनिकोड फांट का ही प्रयोग किया जाए।
कार्यशाला में सहायक निदेशक/राजभाषा, आयकर विभाग, प्रयागराज मकरध्यज मौर्य, से.नि. सहायक निदेशक/राजभाषा, आयकर विभाग प्रकाश चन्द्र मिश्र, वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय यथार्थ पाण्डेय ने कर्मचारियों को विभिन्न विषयों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यशाला में उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों तथा मंडलों एवं कारखानों के अनुवादकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला का संचालन वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने किया।




