
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस: रोडवेज बस स्टैंड पर जाम अब आम हो चला है, लेकिन गुरुवार को इस जाम ने मानवता को ही शर्मसार कर दिया। एक एंबुलेंस मरीज को लेकर जा रही थी… सायरन चीख रहा था… लेकिन कुछ जिद्दी और लापरवाह बस ड्राइवरों की वजह से एंबुलेंस घंटों फंसी रही।
सुबह से शाम तक बस स्टैंड पर पसरा रहता है जाम
कुछ रोडवेज ड्राइवरों की ‘हठधर्मिता’ और ‘बेवकूफी’ की वजह से डिपो के बाहर सड़क पर ही बसें खड़ी कर दी जाती हैं। न अधिकारियों के आदेश का डर, न आम जनता की परेशानी की फिक्र।
एंबुलेंस को न दिया रास्ता, बजता रहा सायरन
गुरुवार को एक मरीज को लेकर निकली एंबुलेंस बसों के बीच बुरी तरह फंस गई। ड्राइवर ने लगातार हॉर्न बजाया, सायरन चीखा… पर बसें टस से मस नहीं हुईं।

फिर आया खाकी का कहर!
वर्दीधारी ने डपटे ड्राइवर, तब जाकर मिली राहत
सड़क से गुजर रहे एक पुलिसकर्मी ने जब एंबुलेंस को फंसा देखा तो वह तमतमाता हुआ आया और डपट कर बस ड्राइवरों को लताड़ लगाई। इसके बाद आनन-फानन में हटाईं गईं रोडवेज बसें और एंबुलेंस को मिला रास्ता।

ट्रैफिक पुलिस भी दिखा चुकी है सख्ती
बुधवार को ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने अपनी टीम संग की थी कार्रवाई
बावजूद इसके कुछ ड्राइवर अब भी नहीं सुधरे। सवाल उठता है कि क्या किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही होगा इन पर कोई ठोस एक्शन?
अब बड़ा सवाल —
क्या रोडवेज के अधिकारी सिर्फ आदेश देकर थक चुके हैं?
या अब कोई सख्त और पक्की रणनीति अपनाई जाएगी?





