
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस: हाथरस जिले के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) पी.एन. दीक्षित ने शुक्रवार को मुरसान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई व्यवस्थागत लापरवाहियाँ और खामियाँ उजागर हुईं, जिस पर सीडीओ ने कड़ी नाराज़गी जताई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
पुराने फ्लैक्सी और सूचना का अभाव
अस्पताल के मुख्य द्वार पर अब भी साल 2022 के पुराने फ्लैक्सी लगे हुए थे। डायरिया और संचारी रोग नियंत्रण अभियान से जुड़ी कोई भी अद्यतन जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई थी। सीडीओ ने इस लापरवाही को गंभीर सूचना प्रबंधन की चूक करार दिया।
अव्यवस्थित पार्किंग और उपस्थिति पंजिका में गड़बड़ी
मोटरसाइकिल पार्किंग की व्यवस्था नहीं थी और वाहन बेतरतीब तरीके से खड़े पाए गए। हालांकि 102 और 108 एंबुलेंस चालू अवस्था में थीं। निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्रवीर सिंह सहित अधिकतर स्टाफ मौजूद मिला, लेकिन उपस्थिति पंजिका में नाम वरिष्ठता क्रम से दर्ज नहीं थे। CDO ने सख्त निर्देश दिए कि अगली बार वरिष्ठता के अनुसार एंट्री अनिवार्य हो।
आपातकालीन कक्ष और महिला वार्ड में गंदगी
आपातकालीन कक्ष की स्थिति अत्यंत खराब पाई गई। दो बेड में से एक पर मरीज भर्ती था, लेकिन चारों ओर गंदगी फैली थी, जिस पर सीडीओ ने गहरी नाराज़गी जताई और तत्काल सफाई के निर्देश दिए। महिला वार्ड में कोई मरीज भर्ती नहीं था, तीन बेड थे, लेकिन वहाँ भी गंदगी साफ नजर आई।
नवजात यूनिट और फार्मेसी की स्थिति
नवजात स्टेबिलाइजेशन यूनिट (NNSU) में सफाई संतोषजनक पाई गई, लेकिन कोई शिशु वहां भर्ती नहीं था।
फार्मासिस्ट चंद्रभान सिंह को दवाई वितरण करते हुए पाया गया।
हालांकि, आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड नहीं बनाए जा रहे थे, जिस पर सीडीओ ने तत्काल प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
टीबी मरीजों के लिए सराहनीय कार्य
टीबी मरीजों को दवा वितरण और फॉलोअप कार्य सुचारू रूप से चल रहा था। मरीजों के कार्ड बनाए जा रहे थे और घर-घर जाकर दवा दी जा रही थी, जिसे CDO ने सराहा।
आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक
CDO ने मौके पर ही आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक ली और निर्देश दिए कि हर आशा कार्यकर्ता प्रतिदिन कम से कम 15 घरों में जाकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करें।
आशा कार्यकर्ता सुनीता देवी और मीना कुमारी द्वारा 1 और 2 जुलाई को कोई कार्य न करने पर उनका मानदेय रोकने के आदेश जारी किए गए।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष निर्देश
CDO ने आदेश दिया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी ग्रामीण एवं शहरी नागरिकों के आयुष्मान कार्ड अविलंब बनाए जाएं और घर-घर दस्तक देकर अभियान की जानकारी दी जाए।

सीडीओ का सख्त संदेश
निरीक्षण के अंत में CDO पी.एन. दीक्षित ने स्पष्ट कहा, “जनसेवा में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता है।”
यह निरीक्षण न केवल खामियों को उजागर करने का कार्य रहा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक अहम कदम भी साबित हुआ।





