
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या: श्री गुरुदेव भगवान जी को समर्पित सेवा भाव की पवित्र श्रृंखला में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भंडारे का आयोजन किया जाएगा। लेकिन इस बार यह आयोजन विशेष रूप से श्री रामकोट परिक्रमा के संकल्प के साथ जुड़ा हुआ है।
यह परिक्रमा 5 सितंबर को प्रातः 5:00 बजे से 7:00 बजे तक की जाएगी, जिसमें सभी श्रद्धालु एवं विद्यार्थी सहभागी हो सकते हैं। परिक्रमा की शुरुआत श्री जानकी घाट बड़ा स्थान, श्री किशोरी जी के दरबार से होकर रामघाट चौराहा, बड़े भक्तमाल की ईश्वरनाथ गली, टेढ़ी बाजार, गोकुल भवन, गायत्री ब्रह्मचर्य आश्रम, वशिष्ठ कुंड, संस्कृत विद्यालय होते हुए कटरा पुलिस चौकी तक की जाएगी।
इस आयोजन के माध्यम से श्रद्धालु पंचकोसी, कार्तिक परिक्रमा, और 84 कोसी परिक्रमा के महत्व को भी आत्मसात कर सकेंगे। विशेष रूप से यह परिक्रमा वैशाख पूर्णिमा से चैत्र पूर्णिमा तक चलने वाली 84 कोसी परिक्रमा के शुभारंभ का संकल्प भी है।
पूज्य संतों का मानना है कि परिक्रमा के हर एक कदम से जन्मों-जन्मांतर के पापों का क्षय होता है। यह केवल भौतिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और मोक्ष की ओर अग्रसर होने की आध्यात्मिक प्रक्रिया है।
इस पावन अवसर पर सभी भक्तजन, विद्यार्थी, संत और श्रद्धालुओं से निवेदन है कि समय पर पहुंचकर इस पावन परिक्रमा में सहभागी बनें और श्रीराम दरबार की कृपा प्राप्त करें।
रामकोट परिक्रमा कोई नई परंपरा नहीं, बल्कि सनातन काल से चली आ रही है – यही जीवन का मूल पथ है।





