
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की एक पॉश कॉलोनी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब यूपी एसटीएफ (नोएडा यूनिट) ने एक आलीशान कोठी पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान पुलिस को एक फर्जी दूतावास का पता चला, जिसे देखकर खुद अफसर भी हैरान रह गए।
इस फर्जी दूतावास का संचालक हर्षवर्धन जैन नाम का व्यक्ति निकला, जो गाजियाबाद के कविनगर क्षेत्र का निवासी है। हर्षवर्धन जैन खुद को West Arctica, Saborga, Poulvia और Lodonia जैसे काल्पनिक या माइक्रो-नेशन्स का राजदूत (Ambassador) बताकर पिछले कई वर्षों से फर्जीवाड़ा कर रहा था।
एसटीएफ की जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी ने कविनगर स्थित एक कोठी को किराए पर लेकर वहां “West Arctica Embassy” के नाम से नकली दूतावास स्थापित कर रखा था। कोठी के भीतर फर्जी दूतावास जैसा माहौल तैयार किया गया था—जिसमें बैनर, झंडे, नामपट्टियाँ और विदेशी दूतावास जैसा सजावटी ढांचा मौजूद था।
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच तेज़ी से जारी है। एसटीएफ अब यह भी पता लगा रही है कि हर्षवर्धन जैन ने इस फर्जी दूतावास के जरिए किन-किन लोगों को धोखा दिया और क्या उससे आर्थिक लाभ भी उठाया गया।
यह मामला न केवल सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि इससे यह भी सवाल खड़ा होता है कि कैसे एक आम नागरिक इतने लंबे समय तक बिना किसी रोक-टोक के इस तरह की गतिविधि को अंजाम देता रहा।





