
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या: 09 अगस्त को भारत छोड़ो आन्दोलन की 83वीं वर्षगांठ के अवसर पर बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर मांग दिवस मनाया तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत छोड़ो, कारपोरेट खेती छोड़ो नारे के तहत जिला मुख्यालय तहसील सदर पर ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया और मांगों से संबंधित ज्ञापन तहसीलदार सदर को सौंपा।
मांगपत्र में अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते जिसमें खाद्य पदार्थों, डेयरी, सब्जियां और फल आयात होने पर देश के किसानों व छोटे कृषि व्यवसायियों को भारी नुक़सान पहुंचेगा। साथ साथ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा थोपे गए 50 प्रतिशत टैरिफ को भारत की सम्प्रभुता पर हमला मानते हुए इसका कड़ा विरोध किया गया। सरकार की इन नीतियों से व्यापारिक फसलें उगाने के लिए मजबूर किया जाएगा जिससे किसान की स्वतंत्रता और आत्मनिर्भर खेती ख़त्म होगी। सरकारी खरीद, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और देश की खाद्य सुरक्षा कमजोर होगी।
मांगपत्र में सभी फसलों का डेढ़ गुना लाभकारी मूल्य (एमएसपी) की गारंटी और सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की मांग करते हुए समग्र कर्ज माफी, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों द्वारा उत्पीड़न बंद करने, बिजली क्षेत्र के निजीकरण को रोकने, स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने, लम्बित बिजली बिलों को माफ करने, 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने, वृद्धावस्था, विधवा, विकलांग पेंशन दस हजार रुपए प्रति लाभार्थी देने, पुराने ट्रैक्टरों पर प्रतिबंध लगाने की सरकारी नीति वापस लेने, उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों के मर्जर पर रोक लगाने, पुलिस और प्रशासन द्वारा समर्थित साम्प्रदायिक हिंसा को रोकने तथा उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में ऐतिहासिक मकबरे को सरकारी संरक्षण में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाने वाले साम्प्रदायिक तत्वों और मूकदर्शक पुलिस कर्मियों को कड़ी सजा की मांग की गई।
किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की जायज मांगों लेकर होने वाले आज के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन काफी डरा हुआ था जिसने कार्यक्रम को प्रभावित करने के लिए किसान नेताओं को डराने-धमकाने की पूरी कोशिश की तथा मजदूर नेता शैलेन्द्र प्रताप सिंह को महाराजगंज थाने की पुलिस द्वारा सुबह से ही हिरासत में ले लिया गया। प्रशासन के लाख कोशिशों व भारी बारिश के बावजूद तहसील सदर पर संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को जोरदार ढंग से बुलंद किया।
विरोध प्रदर्शन में संयुक्त किसान मोर्चा संयोजक मया राम वर्मा, किसान सभा के प्रदेश सचिव अशोक कुमार तिवारी, संयुक्त सचिव मयाराम वर्मा, किसान महासभा के जिला संयोजक उमाकांत विश्वकर्मा, भाकियू नेता कमला प्रसाद बागी, माकपा जिला सचिव अशोक यादव, भाकपा (माले) जिला प्रभारी अतीक अहमद, किसान सभा संयुक्त सचिव विनोद सिंह, अनिरुद्ध प्रताप मौर्य, यासीन बेग, बद्री प्रसाद यादव, अशोक कुमार वर्मा, आशीष पटेल, अजय वर्मा, राजकुमार वर्मा, घनश्याम यादव, रमेश कुमार, राजेश वर्मा, शिवमंगल, मस्तराम वर्मा, रामसुख पाल, शिव मूरत, राम उदित, भीम पटेल सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।





