
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद शर्मा ने पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन और प्रदेशभर के अधिशासी अभियंताओं के साथ एक अहम बैठक में कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए जमकर फटकार लगाई।
मंत्री शर्मा ने अधिकारियों को लताड़ते हुए कहा, “मैं आपकी बकवास सुनने नहीं बैठा हूं, ज़मीनी हकीकत कुछ और है।” उन्होंने कहा कि जनता को क्या दिक्कतें हो रही हैं, इसका अंदाजा अधिकारियों को बिल्कुल नहीं है।
उन्होंने कहा, “आप लोग अंधे, बहरे और काने होकर बैठे हैं, जनता क्या झेल रही है, इसका कोई अंदाजा नहीं।”
ऊर्जा मंत्री ने बिजली व्यवस्था को लेकर कई गंभीर मुद्दों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “बिजली विभाग कोई बनिए की दुकान नहीं, यह जन सेवा है और उसी भावना से काम करना होगा।”
फीडर या पूरे गांव की लाइन काटने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा, “जो उपभोक्ता समय से बिल भरते हैं, उन्हें क्यों सजा दी जा रही है?”
ट्रांसफार्मर न बदलने की शिकायतों पर मंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी और बोले, “यह कौन सा न्याय है? क्या आपने हमें बदनाम करने की सुपारी ले रखी है?”
विजिलेंस टीमों की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल
मंत्री ने यह भी कहा कि विजिलेंस की छापेमारी गलत जगह की जा रही है। जहां बड़े स्तर पर बिजली चोरी हो रही है, वहां कार्रवाई नहीं हो रही, बल्कि छोटे उपभोक्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। “FIR के नाम पर पैसा वसूला जा रहा है, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा,” उन्होंने चेतावनी दी।
ऊर्जा मंत्री का यह रुख साफ संकेत देता है कि बिजली विभाग में अब लापरवाही और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





